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NCERT की किताब से हटाया गया दिल्ली सल्तनत और मुगलों का चैप्टर, जोड़ा गया महाकुंभ

Updated at : 27 Apr 2025 11:30 PM (IST)
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NCERT Book Changes

NCERT Book Changes

NCERT Book Changes: एनसीईआरटी की कक्षा सात की नई किताबों से दिल्ली सल्तनत और मुगल के अध्याय को हटा दिया गया है. कक्षा सात की किताबों में भारतीय राजवंशों, महाकुंभ के संदर्भ और मेक इन इंडिया और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, महाकुंभ को शामिल किया गया है.

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NCERT Book Changes: दिल्ली की एनसीईआरटी (NCERT) की किताब से कई मुगल और दिल्ली सल्तनत के अध्याय को हटा दिए गए हैं. वहीं पाठ्यक्रम में नए अध्याय जोड़े गए हैं. नए अध्यायों में भारतीय राजवंश, महाकुंभ और सरकारी योजनाओं को जोड़ा गया है. NCERT की कक्षा सात की पाठ्यपुस्तकों में भारतीय राजवंशों, महाकुंभ के संदर्भ, मेक इन इंडिया और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी सरकारी पहलों को शामिल किया गया है. नई पाठ्यपुस्तकें नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुरूप तैयार की गई हैं.

कम किए गए थे मुगल और दिल्ली सल्तनत पर आधारित हिस्से

संपर्क करने पर एनसीईआरटी के अधिकारियों ने कहा कि ये किताबों का सिर्फ पहला भाग है और दूसरा भाग आगामी महीनों में आने की उम्मीद है. हालांकि, उन्होंने इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं की कि हटाए गए हिस्से किताब के दूसरे भाग में बरकरार रखे जाएंगे या नहीं.
एनसीईआरटी ने पहले मुगलों और दिल्ली सल्तनत से जुड़े पाठों को छोटा कर दिया था, जिसमें तुगलक, खिलजी, मामलुक और लोदी जैसे राजवंशों का विस्तृत विवरण और मुगल सम्राटों की उपलब्धियों पर दो-पृष्ठ की तालिका शामिल थी. ये कवायद 2022-23 में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत बनाने के हिस्से के रूप में की गई थी, हालांकि, नई पाठ्यपुस्तक में अब उनके सभी संदर्भों को हटा दिया है.

इन अध्यायों को किया गया शामिल

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक समाज का अध्ययन: भारत और उसके आगे में प्राचीन भारतीय राजवंशों मगध, मौर्य, शुंग और सातवाहन पर नए अध्याय जोड़े गए हैं. पुस्तक में एक और नया संस्करण भूमि कैसे पवित्र बनती है नामक अध्याय जोड़ा गया है यह हिंदू, बौद्ध सिख, ईसाई, यहूदी,पारसी और इस्लाम जैसे धर्मों के लिए भारत और भारत के बाहर बाहर पवित्र माने जाने वाले स्थानों और तीर्थ स्थलों पर केंद्रित है. अध्याय में पवित्र भूगोल जैसी अवधारणाओं को शामिल किया गया है. जिसमें 12 ज्योतिर्लिंग, चार धाम यात्रा और शक्ति पीठ जैसे स्थानों का विवरण दिया गया है. पाठ में जवाहरलाल नेहरू का एक उद्धरण शामिल है, जिन्होंने भारत को तीर्थस्थलों की भूमि के रूप में वर्णित किया है.

महाकुंभ मेले का जिक्र

इस साल की शुरुआत में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले का भी पुस्तक में वर्णन किया गया है. इसके बताया गया है कि कैसे लगभग 66 करोड़ लोगों ने इसमें भाग लिया. नई पाठ्यपुस्तक में मेक इन इंडिया, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और अटल सुरंग जैसी सरकारी पहलों का संदर्भ शामिल किया गया है. पुस्तक में भारत के संविधान पर भी एक अध्याय है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि एक समय था जब लोगों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति नहीं थी.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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