Merits of Dowry: 'दहेज के फायदे' बताने वाले सिलेबस पर NCW सख्त, शिक्षा मंत्री से कार्रवाई की मांग

Updated at : 05 Apr 2022 5:34 PM (IST)
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Merits of Dowry: 'दहेज के फायदे' बताने वाले सिलेबस पर NCW सख्त, शिक्षा मंत्री से कार्रवाई की मांग

Merits of Dowry राष्ट्रीय महिला आयोग ने मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर नर्सों के लिए समाजशास्त्र की पाठ्यपुस्तक के खिलाफ हस्तक्षेप और उपचारात्मक कार्रवाई की मांग की है.

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Merits of Dowry राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर नर्सों के लिए समाजशास्त्र की पाठ्यपुस्तक के खिलाफ हस्तक्षेप और उपचारात्मक कार्रवाई की मांग की है. इस पाठ्यपुस्तक में दहेज के गुणों को सूचीबद्ध किया गया था. शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार को पाठ्यपुस्तक से एक तस्वीर ट्वीटर पर शेयर किया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है.

शिवसेना सांसद ने ट्वीटर पर शेयर की तस्वीर

ट्वीटर पर शेयर किए पाठ्यपुस्तक की तस्वीर में दहेज के चार गुण सूचीबद्ध हैं, उनमें से एक है बदसूरत दिखने वाली लड़कियों की शादी आकर्षक दहेज से की जा सकती है. यह पृष्ठ टीके इंद्राणी द्वारा नर्सों के लिए समाजशास्त्र की पाठ्यपुस्तक से है, जिसका शीर्षक द मेरिट्स ऑफ दहेज है. पाठ्यपुस्तक की सामग्री के बारे में जिक्र करते हुए शिवसेना सांसद ने कहा, यह भयावह है कि इस तरह के अपमानजनक और समस्याग्रस्त पाठ प्रचलन में हैं और दहेज के गुणों का विस्तार करने वाली पाठ्यपुस्तक वास्तव में हमारे पाठ्यक्रम में मौजूद हो सकती है. यह देश और देश के संविधान के लिए शर्म की बात है.

महिला आयोग ने लिया संज्ञान

वहीं, महिला आयोग का कहना है कि दहेज भारत में एक गहरी जड़ें जमा चुकी सामाजिक बुराई है. सरकार विभिन्न योजनाओं और कानूनों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सभी प्रकार के प्रयास कर रही है, लेकिन गहरी जड़ वाली बुराई को सकारात्मक तरीके से चित्रित करना महिला सशक्तिकरण को कमजोर करेगा. मामला गंभीर चिंता का है और आयोग ने संज्ञान लिया है. यह छात्रों को दहेज के प्रचलित खतरे के बारे में एक बहुत ही गलत संदेश भेजता है. महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और उपचारात्मक कार्रवाई करने के की मांग की है. इसके साथ ही स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण को भी इस मामले में कार्रवाई करने और सात दिनों के भीतर आयोग को सूचि त करने की मांग की गई है.

क्या है मामला

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय महिला आयोग को कई ऐसे मीडिया पोस्ट मिले हैं जिनमें यह बताया गया है कि नर्सिंग छात्रों के लिए एक स्‍टडी मटीरियल में दहेज प्रणाली के गुणों और लाभों को शामिल किया गया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, किताबों में बताया गया है कि दहेज में माता-पिता की संपत्ति का हिस्सा प्राप्त करना इस प्रतिगामी प्रथा के गुणों में से एक है. किताब के कवर में इंडियन नर्सिंग काउंसिल के सिलेबस के मुताबिक लिखा हुआ बताया गया है. यह पेज टी के इंद्राणी द्वारा नर्सों के लिए समाजशास्त्र की पाठ्यपुस्तक से है, जिसका शीर्षक Merits of Dowry है.

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