ePaper

जनता दल के राज्यसभा सदस्य किंग महेंद्र कई दलों में रहे, निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने शोक व्यक्त किया

Updated at : 27 Dec 2021 9:28 PM (IST)
विज्ञापन
जनता दल के राज्यसभा सदस्य किंग महेंद्र कई दलों में रहे, निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने शोक व्यक्त किया

King Mahendra is dead: जनता दल के राज्यसभा सांसद महेंद्र प्रसाद कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल में भी रह चुके हैं. 1985 से लगातार वह संसद पहुंचे. एक बार लोकसभा का चुनाव भी जीते. पढ़ें उनकी विशेषताओं के बारे में...

विज्ञापन

नयी दिल्ली: नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) से राज्यसभा के सदस्य और उद्योगपति महेंद्र प्रसाद उर्फ किंग महेंद्र का निधन हो गया है. 81 वर्ष के महेंद्र प्रसाद ने रविवार की रात को यहां अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली. वह लंबे समय से बीमार थे.

संसद के सबसे अमीर सदस्यों में से एक माने जाने वाले महेंद्र प्रसाद बिहार से 7 बार राज्यसभा के लिए चुने गये. एक बार वह लोकसभा के लिए भी निर्वाचित हुए थे. उद्योग जगत के जाने-माने चेहरे महेंद्र प्रसाद ने अरिस्टो फार्मास्यूटिकल्स की स्थापना की थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महेंद्र प्रसाद उर्फ किंग महेंद्र के निधन पर शोक व्यक्त किया. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं राज्यसभा सदस्य डॉ महेंद्र प्रसाद जी के निधन से दुखी हूं. उन्होंने कई वर्षों तक संसद में अपनी सेवाएं दीं और वह कई सामुदायिक सेवा कार्यों में आगे रहे.उन्होंने हमेशा बिहार और उसके लोगों के कल्याण की बात की. मैं उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं. ओम शांति.’

Also Read: खुद को जदयू सांसद महेंद्र प्रसाद की पत्नी होने का दावा करने वाली महिला गिरफ्तार

बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार ने कहा कि महेंद्र प्रसाद का निधन समाज, राजनीति और उद्योग जगत के लिए बड़ी क्षति है. महेंद्र प्रसाद 1980 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. लंबे समय तक कांग्रेस में रहे महेंद्र प्रसाद बाद में जनता दल में, फिर राष्ट्रीय जनता दल में और उसके बाद जद(यू) में शामिल हो गये.

किंग महेंद्र की ये थी विशेषताएं

महेंद्र प्रसाद के नाम के आगे अक्सर ‘किंग’ (राजा) शब्द लगाया जाता था, जो इस बात का संकेत था कि उनके गृह राज्य में राजनीतिक हवा के रुख में भले ही कोई भी बदलाव आया हो, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा. वह कुछ समय को छोड़कर वर्ष 1985 से राज्यसभा में लगातार बने रहे. दिवंगत सांसद विभिन्न देशों की यात्रा के लिए जाने जाते थे और ऐसा शायद ही कोई देश होगा, जिसकी मुहर उनके पासपोर्ट पर नहीं लगी हो.

Posted By: Mithilesh Jha

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola