Maharashtra Politics : बीजेपी के नारे 'बटेंगे तो कटेंगे' से सचमुच खफा हैं अजित पवार? पीएम मोदी की रैली में नहीं पहुंचे

Edited by Amitabh Kumar
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Ajit Pawar with PM Modi/Maharashtra Politics

Maharashtra Politics : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मतदान से पहले महायुति गठबंधन में दरार की खबर सुर्खियों में है. अजित पवार की नाराजगी की खबर मीडिया में चल रही है.

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Maharashtra Politics : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को है. इससे पहले रैलियों का दौर जारी है. खुद पीएम मोदी प्रदेश की महायुति गठबंधन को मजबूत करने में जुटे हैं. इस बीच एक ऐसी खबर आ रही है, जो गठबंधन की गांठ ढीली होने की ओर संकेत कर रही है. दरअसल, गठबंधन में दरार की चर्चा सूबे में तेजी से हो रही है. उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एनसीपी के अन्य वरिष्ठ नेता मोदी की रैली से दूरी बनाते नजर आए. गुरुवार को मुंबई के छत्रपति शिवाजी पार्क में प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी रैली थी, जिसमें कोई भी बड़ा चेहरा एनसीपी का नहीं दिखा.

अजित पवार की पार्टी सत्तारूढ़ गठबंधन में एकनाथ शिंदे की शिवसेना और बीजेपी के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदार है. एनसीपी उम्मीदवार सना मलिक, नवाब मलिक और जीशान सिद्दीकी भी कार्यक्रम से दूर नजर आए. रैली में शिवसेना शिंदे गुट के नेता और रामदास अठावले के नेतृत्व वाली रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता मौजूद थे. एनसीपी नेताओं के नहीं पहुंचने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, खासकर तब जब अन्य गठबंधन के उम्मीदवार प्रधानमंत्री के साथ मंच पर दिखे.

महायुति नेताओं ने कहा- हम एकजुट

मीडिया में खबर है कि एनसीपी नेता बीजेपी के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ अभियान की वजह से नहीं पहुंचे. मतभेद के दावों के बावजूद, महायुति नेताओं ने दरार की खबरों को खारिज किया है. शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने साफ शब्दों में कहा कि गठबंधन एकजुट है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार राज्यसभा सदस्य देवड़ा ने कहा कि महायुति गठबंधन एक साथ है. पूरी ताकत से चुनाव लड़ रही है.

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क्या ‘बटेंगे तो कटेंगे’ नारे को लेकर महायुति में दरार?

अजित पवार ने इससे पहले ‘बटेंगे तो कटेंगे’ नारे की आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि यह महाराष्ट्र में काम नहीं करेगा. हमें विकास पर फोकस करने की जरूरत है. इस बीच, वरिष्ठ बीजेपी नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि ‘बटेंगे तो कटेंगे’ नारा महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के अभियान के खिलाफ है. अजित पवार इसके ‘मूल’ अर्थ को समझ नहीं सके.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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