पीएम मोदी ने समझौता कर लिया है, इस मुद्दे पर लोकसभा में राहुल गांधी और रविशंकर के बीच तीखी बहस

Updated at : 11 Mar 2026 2:19 PM (IST)
विज्ञापन
Rahul Gandhi and Ravi Shankar prasad

राहुल गांधी और रविशंकर प्रसाद

Rahul Gandhi : विपक्ष के नेता राहुल गांधी और बीजेपी नेता रविशंकर के बीच लोकसभा के बजट सत्र में तीखी बहस हुई. राहुल गांधी ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया है और सदन में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जा रहा है.

विज्ञापन

Rahul Gandhi : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में यह दावा किया कि उन्हें सदन में बोलने से कई बार रोका गया. देश के इतिहास में यह पहली बार है कि विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया कर लिया है और यह बात सभी जानते हैं, लेकिन जब भी मैं इस बात को कहने की कोशिश करता हूं या जनहित के किसी मुद्दे को उठाने की कोशिश करता हूं, तो मुझे बोलने से रोक दिया जाता है.

रविशंकर और राहुल गांधी के बीच हुई तीखी नोकझोंक

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने संसदीय प्रणाली पर ‘कॉल एंड शकधर’ की एक किताब को उद्धृत करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को राष्ट्रहित के मुद्दों पर बोलते समय ध्यानपूर्वक शब्दों का चयन करना चाहिए और विदेशी धरती पर दलीय राजनीति नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह किताब पढ़ लेनी चाहिए. रविशंकर प्रसाद के इसी बयान पर सदन में हंगामा हुआ और राहुल गांधी ने यह कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता है. जब भी वे यह कहते हैं कि प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया है, उन्हें टोका जाता है. जब वे पूर्व सेना प्रमुख नरवणे के किताब की चर्चा करते हैं, तो उन्हें रोका जाता है. इस बात पर रविशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समझौता करने का सवाल ही नहीं उठता है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय हितों से समझौता कर ही नहीं सकते हैं.

सदन के इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया

लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि कई बार मुझे सदन में बोलने से रोका गया है. भारत के इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को सदन में बोलने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि यह सदन देश की जनता की अभिव्यक्ति के लिए है. यह सदन एक पार्टी का नहीं है, बल्कि देश का प्रतिनिधित्व करता है. बावजूद इसके यहां हमें बोलने नहीं दिया जाता है. यह लोकतंत्र के खिलाफ है.

ये भी पढ़ें : केवल आदिवासी लड़ पाएं चुनाव, गारो HADC ने बनाया ऐसा नियम; हाईकोर्ट ने किया रद्द 

क्या जिंदा हैं ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई? इस सवाल के पीछे की 3 बड़ी वजह

विज्ञापन
Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola