क्या जिंदा हैं ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई? इस सवाल के पीछे की 3 बड़ी वजह

अयातुल्ला अली खामेनेई
ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि 1 मार्च को ही हो गई थी, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी ना तो उनका अंतिम संस्कार हुआ है और ना ही उनके शव को सार्वजनिक तौर पर दिखाया गया है. वहीं दूसरी ओर सुप्रीम लीडर को खोने के बाद भी ईरान के आत्मविश्वास में कोई कमी नहीं दिख रही है. ईरान लगातार आंख दिखा रहा है. इस वजह से लोगों के मन में एक शंका पनप रही है कि क्या अयातुल्ला अली खामेनेई जिंदा हैं? क्या कोई ऐसा सच है, जिसे युद्ध की स्थिति में ईरान छिपा रहा है?
Iranian Supreme Leader Ali Khamenei : ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत हो गई, यह बात ईरान ने हमले के दूसरे ही दिन स्वीकार कर लिया. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनई की मौत पर सवाल भले ही उठाये जा रहे हों, लेकिन उनके जीवित होने की संभावना बहुत ही कम है. इसकी वजह यह है कि ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस मौत को स्वीकार किया है. दरअसल, इस शंका की जो 3 बड़ी वजहें हैं, उसे आप भी जानें.
1. क्या खामेनेई की सुरक्षा लचर थी?
अमेरिका ने 28 फरवरी को इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला शुरू किया और उसके महज एक ही दिन बाद ईरानी मीडिया ने यह स्वीकार कर लिया कि उनके सुप्रीम लीडर की मौत हो गई है. साथ ही 40 दिन का शोक काल भी घोषित किया गया. यह थोड़ा चौंकाने वाला फैक्ट था क्योंकि अमेरिका ने यह नहीं कहा था कि वो खामेनेई को टारगेट करके हमले कर रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या खामेनेई की सुरक्षा इतनी लचर थी कि वे एक ही हमले में मारे गए या फिर सच कुछ और है जिसे ईरान छुपा रहा है?
2. अबतक अली खामेनेई का नहीं हुआ है अंतिम संस्कार?
अली खामेनेई की मौत अगर 28 फरवरी के हमले में हुई तो आज 11 मार्च है और अबतक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है. अगर इस बात को मान भी लिया जाए कि यह युद्ध का समय है, इसलिए उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जा रहा, क्योंकि भीड़ एक जगह पर जमा हो सकती है और अमेरिका उसे टारगेट कर सकता है. इस तथ्य के बावजूद एक शंका यह भी है कि आखिर फिर क्यों उनके शव की तस्वीर तक जारी नहीं की गई और ना ही कोई वीडियो सामने आया है. कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हुईं, लेकिन उनके बारे में यह कहा गया कि वे AI जेनरेटेड हैं.
3. ईरान की सरकार बहुत ही बेहतरीन तरीके से कर रही है काम
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की युद्ध में मौत हो जाने के बाद भी ईरान की सरकार बहुत ही व्यवस्थित तरीके से काम कर रही है. लीडरशिप काउंसिल तुरंत एक्टिव हो गया और अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को कार्यवाहक सुप्रीम लीडर बना दिया गया. ईरान ने सुप्रीम लीडर की मौत के बाद भी सरेंडर नहीं किया और अमेरिका से कहा कि ईरान सरेंडर करेगा, यह सपना वे अपने कब्र में देखें. ईरान मरते दम तक युद्ध करेगा और अगर कभी सीजफायर हुआ, तो वह ईरान की शर्तों पर होगा, अमेरिका की शर्तों पर नहीं. सुप्रीम लीडर को खोने के बाद भी ईरान का यह आत्मविश्वास मन में शंका उत्पन्न करता है और यह सवाल पैदा करता है कि क्या अली खामेनेई अभी भी उनके साथ हैं?
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लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.
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