Lalu Yadav Family Dispute : रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखी ये बात, कांग्रेस ने दी प्रतिक्रिया

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 12 Dec 2025 10:17 AM

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लालू प्रसाद के साथ बेटी रोहिणी आचार्य (Photo: X)

Lalu Yadav Family Dispute : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने महिला सशक्तीकरण पर ऑफिशियल एक्स हैंडल पर विचार व्यक्त किये हैं. इसपर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने प्रतिक्रिया दी है.

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Lalu Yadav Family Dispute : कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने रोहिणी आचार्य के बिहार सीएम नीतीश कुमार को लिखे पत्र पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि पुरुष प्रधान सोच किसी एक जगह या राज्य की समस्या नहीं, बल्कि एक मानसिकता है. भारत में कहीं पितृसत्तात्मक तो कहीं मातृसत्तात्मक व्यवस्था चलती है. भगत ने कहा कि ऐसी सोच प्रशासनिक आदेशों से नहीं बदलती. सरकार सुरक्षा तो दे सकती है, लेकिन लोगों की मानसिकता बदलना सामाजिक प्रक्रिया है, जो समय और जागरूकता से ही संभव होती है.

लड़कियों के लिए मायके बने सुरक्षित जगह, जहां वह कभी भी आ सके : रोहिणी

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने महिला सशक्तीकरण पर विचार व्यक्त किये हैं. अपने गुरुवार को अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर लिखा है कि प्रत्येक बेटी को इस आश्वासन के साथ बड़े होने का अधिकार है कि उसका मायका एक ऐसा सुरक्षित स्थान है ,जहां वह बिना किसी डर, अपराधबोध, शर्म या किसी को कोई स्पष्टीकरण दिए बिना लौट सकती है. इस उपाय को लागू करना केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं है, बल्कि अनगिनत महिलाओं को भविष्य में होने वाले शोषण और उत्पीड़न से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा.रोहिणी ने लिखा है कि लड़कियों को 10,000 रुपये देना या साइकिलें बांटना, भले ही नेक इरादे से किया गया हो, लेकिन ये भारत में महिलाओं के सशक्तीकरण में बाधा डालने वाले व्यवस्थागत मुद्दों को हल करने के मद्देनजर अपर्याप्त है.

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आगे उन्होंने लिखा कि सरकार और समाज का यह प्रथम दायित्व होना चाहिए कि वह बेटियों के समान अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए. ये कदम खासकर सामाजिक और पारिवारिक उदासीनता के मद्देनजर उठाये जाने चाहिए. उन्होंने लिखा है कि बिहार में गहरी जड़ें जमा चुकी पितृसत्तात्मक मानसिकता सामाजिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन की आवश्यकता पैदा करती है. गौरतलब है कि चुनाव के दौरान रोहिणी आचार्य विभिन्न पारिवारिक वजहों के बीच अपने मायके यानी माता-पिता के सरकारी आवास से निकल गयी थीं. इसको लेकर बड़े स्तर पर सियासी बवाल खड़ा हो गया था.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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