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AI इंपैक्ट समिट: ‘चीनी रोबो डॉग’ ने कटवाई नाक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी की गई बाहर, राहुल गांधी का सरकार पर तंज

Updated at : 18 Feb 2026 2:22 PM (IST)
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Galgotias University expelled from AI Impact Summit 2026 after Chinese robo dog case Rahul Gandhi taunts government.

चीनी रोबोट केस से मुश्किल में गलगोटिया यूनिवर्सिटी.

AI Impact Summit 2026: AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया विश्वविद्यालय को कथित तौर पर एक्सपो खाली करने को कहा गया. आरोप है कि यूनिवर्सिटी द्वारा चीनी-निर्मित रोबोटिक डॉग को अपनी खोज के रूप में पेश किया था. इसे लेकर समिट की काफी आलोचना हुई. सोशल मीडिया पर जमकर लताड़ पड़ी, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने अपना पक्ष रखा.

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AI Impact Summit 2026: एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में गलगोटिया विश्वविद्यालय के भारी ब्लंडर के बाद उसे कथित तौर पर एक्सपो खाली करने को कहा गया है. यूनिवर्सिटी द्वारा कथित तौर पर चीनी-निर्मित रोबोटिक डॉग को अपनी खोज के रूप में पेश किया था. विश्वविद्यालय के डिस्प्ले स्टॉल पर एक चीनी कंपनी द्वारा बनाया गया रोबोट दिखाए जाने के बाद उसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा. इसे लेकर समिट की भी काफी आलोचना हुई. सोशल मीडिया पर जमकर लताड़ पड़ी, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने अपना पक्ष रखा. इसे लेकर अब राजनीति भी हो रही है. कांग्रेस और विपक्ष के अन्य नेताओं ने इस पर सवाल उठाए.

दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इंपैक्ट समिट में मंगलवार को गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चीन में बने ‘Unitree Go2’ रोबोट को ‘ओरियन’ नाम से प्रदर्शित किया गया. आरोप है कि विश्वविद्यालय ने एक व्यावसायिक चीनी उत्पाद को अपने ही संस्थान में विकसित नवाचार के तौर पर दिखाया. इसके बाद सोशल मीडिया पर विशेषज्ञों और यूजर्स ने इसके दावों पर सवाल खड़े कर दिए. मामला इतना बढ़ गया कि समिट की प्रतिष्ठा पर भी सवाल खड़े होने लगे.  यूनिवर्सिटी का दावा एक्सपो के नियमों के खिलाफ था. 

आयोजक किसी भी तरह के बौद्धिक संपदा विवाद या भ्रामक दावों से दूरी बनाए रखना चाहते थे, इसलिए आयोजकों को सख्त फैसला लेना पड़ा और विश्वविद्यालय को अपना प्रदर्शन बंद करने और स्थान खाली करने को कहा गया. अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस मंच से किसी प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान का बाहर होना बड़ी शर्मिंगदी की बात बन रही है. बुधवार को प्रदर्शनी स्थल पर विश्वविद्यालय के स्टॉल पर कोई भी सामग्री प्रदर्शित नहीं थी. इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गलगोटिया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा कि यह विवाद संभवतः इसलिए पैदा हुआ क्योंकि बातों को स्पष्ट रूप से नहीं रखा गया और पीछे की मंशा को सही तरह से समझा नहीं गया.

विश्वविद्यालय ने रखा अपना पक्ष

इस विवाद के बढ़ने के बीच विश्वविद्यालय ने पहले एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उसके खिलाफ प्रचार किया जा रहा है. विश्वविद्यालय का कहना है कि रोबोटिक प्रोग्रामिंग छात्रों को AI एप्लिकेशन बनाना सिखाने की उसकी पहल का हिस्सा है, ताकि वे वैश्विक स्तर पर उपलब्ध टूल्स और संसाधनों का इस्तेमाल कर वास्तविक दुनिया से जुड़े कौशल विकसित और लागू कर सकें. 

वीडियो पेश करने वाली प्रोफेसर क्या बोलीं

गलगोटिया विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नेहा सिंह वायरल वीडियो में ‘ओरियन’ नाम के रोबोडॉग को पेश करती दिखीं थीं. उन्होंने विश्वविद्यालय की तरफ से अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी इस रोबोडॉग को विश्वविद्यालय की अपनी खोज बताने का दावा नहीं किया. नेहा सिंह ने एएनआई से कहा, ‘हमने कभी यह नहीं कहा कि यह हमारा है, भारतीय है या गलगोटिया का है. इस पर इसकी असली ब्रांडिंग मौजूद है. यह रोबोट एक खास उद्देश्य से बच्चों की पढ़ाई और उनके शोध एवं विकास के लिए लाया गया था. हमारे केंद्र और कैंपस में यह बच्चों की लैब में गया है. यह दो दिन के लिए यहां प्रोजेक्शन के लिए था और वह प्रोजेक्शन पूरा हो चुका है.’

वायरल वीडियो को लेकर उन्होंने कहा कि एक ‘गलत व्याख्या’ की वजह से पूरा विवाद फैल गया. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में कम्युनिकेशन की फैकल्टी हैं और AI नहीं पढ़ातीं. उन्होंने कहा, ‘एक गलतफहमी के चलते इंटरनेट पर यह मामला तूफान की तरह फैल गया. हो सकता है मैं अपनी बात ठीक से नहीं रख पाई या उसे गलत समझ लिया गया. मैं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में कम्युनिकेशन की फैकल्टी हूं, AI की नहीं. जहां तक मुझे जानकारी है, हम अभी भी एक्सपो में हैं और एक विश्वविद्यालय के तौर पर मजबूती से खड़े हैं. रोबोट यहां सिर्फ प्रोजेक्शन के लिए लाया गया था.’

वहीं, गलगोटिया विश्वविद्यालय को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो खाली करने को कहे जाने की खबरों पर प्रोफेसर डॉ. ऐश्वर्या श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने एएनआई से कहा, ‘फिलहाल हमें ऐसी कोई सूचना नहीं है. हमने कभी यह दावा नहीं किया कि हमने रोबोडॉग बनाया है. यह हमारे AI निवेश का एक हिस्सा था, जिसे बड़े स्तर पर गलत समझ लिया गया.’

राहुल गांधी ने सरकार पर बोला हमला

बढ़ते विवाद के बीच, राहुल गांधी ने बुधवार को इसे ‘अव्यवस्थित पीआर तमाशा’ करार दिया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इस समिट में भारतीय प्रतिभा और डेटा का सही इस्तेमाल करने के बजाय चीनी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है और भारतीय डेटा को बिक्री के लिए रखा गया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, ‘भारत की प्रतिभा और डेटा का उपयोग करने के बजाय AI समिट एक अव्यवस्थित पीआर तमाशा बन गया है. भारतीय डेटा बिक्री के लिए है और चीनी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है.’

प्रियंका चतुर्वेदी ने भी उठाए सवाल

शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी. बुधवार को उन्होंने कहा कि AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया विश्वविद्यालय द्वारा कथित तौर पर चीनी-निर्मित रोबोटिक डॉग को अपनी खोज के रूप में पेश करना देश और समिट की छवि को भारी नुकसान पहुंचाने वाला है. 

उन्होंने सोशल मीडिया एक्स लिखा, ‘AI समिट में गलगोटिया विश्वविद्यालय द्वारा चीनी रोबोट को अपनी खोज बताना शर्मनाक है. इस पर चीनी मीडिया का मजाक उड़ाना स्थिति को और खराब करता है. पवेलियन आवंटन से पहले कंपनियों/विश्वविद्यालयों/स्टार्टअप्स और अन्य की विश्वसनीयता की पूरी जांच होती, तो यह सब टल सकता था. इससे भारत और समिट को बड़ा नुकसान हुआ है. उन्हें पवेलियन खाली करने को कहना एक सही कदम है, लेकिन मेरे विचार से उन पर कड़ी सजा भी लगनी चाहिए.’

इंडिया एआई इंपैक्ट समिट भारत का ग्लोबल इवेंट

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक पांच दिवसीय कार्यक्रम है, जो तीन मूल स्तंभों या ‘सूत्रों’ पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस पर आधारित है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन किया था. उन्होंने कहा कि AI में भारत की प्रगति न सिर्फ देश के लिए परिवर्तनकारी समाधान तैयार करेगी, बल्कि वैश्विक विकास में भी योगदान देगी. इस समिट में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 वैश्विक AI लीडर हिस्सा ले रहे हैं. यह ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक AI सम्मेलन है.

नीतिनिर्माताओं, तकनीकी कंपनियों, इनोवेटर्स, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के नेताओं को एक मंच पर लाने वाला यह समिट, IndiaAI मिशन और डिजिटल इंडिया पहल के तहत वैश्विक AI विचार-विमर्श को ठोस विकास परिणामों में बदलने का प्रयास करता है. प्रधानमंत्री 19 फरवरी को उद्घाटन भाषण देने वाले हैं, जिससे वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने और समावेशी, भरोसेमंद तथा विकासोन्मुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए भारत की दृष्टि को आगे बढ़ाने की दिशा तय होगी.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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