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राज्यसभा चुनाव: 10 राज्यों से 37 सीटों के लिए चुने जाएंगे सांसद; EC ने तारीखों का किया ऐलान

Updated at : 18 Feb 2026 12:03 PM (IST)
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Rajya Sabha elections for 37 seats from 10 states voting on 16 March Election Commission announces dates.

राज्यसभा में 16 मार्च को 37 सीटों के लिए डाले जाएंगे वोट. फोटो- एक्स.

Rajya Sabha Elections: राज्यसभा में 16 मार्च को 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. चुनाव ने कहा कि इसकी अधिसूचना 26 फरवरी को जारी की जाएगी, 20 मार्च तक चुनाव की पूरी प्रक्रिया पूरी होगी.

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Rajya Sabha Elections: भारत चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया. इन चुनावों के तहत 10 राज्यों की 37 सीटों को भरा जाएगा. इसके लिए मतदान 16 मार्च को किए जाएंगे. संबंधित सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में पूरा हो रहा है.

प्रेस नोट के अनुसार, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना से चुने गए 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो जाएगा, जिससे नई नियुक्तियों के लिए सीटें खाली होंगी. चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होगी और 20 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी.

चुनाव प्रक्रिया का पूरा कार्यक्रम ऐसा रहेगा

चुनाव प्रक्रिया अधिसूचना: 26 फरवरी

नामांकन की अंतिम तिथि: 5 मार्च

नामांकन की जांच: 6 मार्च

नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 9 मार्च

मतदान: 16 मार्च

मतगणना: 16 मार्च को ही शाम 5 बजे

ईसीआई ने निर्देश दिया है कि मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के लिए केवल निर्धारित विनिर्देश वाला एकीकृत बैंगनी (वायलेट) रंग का स्केच पेन ही इस्तेमाल किया जाए, जो रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा. प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि इसके अलावा किसी अन्य पेन का उपयोग नहीं किया जाएगा. आयोग ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया के सुचारु और निष्पक्ष संचालन के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति सहित पर्याप्त इंतजाम किए जाएं.

राज्य सभा की संरचना कैसी होती है?

संसद की राज्यसभा को स्थाई सदन कहा जाता है, क्योंकि यह कभी भंग नहीं होती. इसमें कुल 245 सदस्य होते हैं. 233 सदस्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से चुने जाते हैं, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति नामित करते हैं. इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है. इसकी एक तिहाई सीट के चुनाव में हर दो साल में चुनाव होते हैं, क्योंकि हर दो साल में लगभग एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं. राज्य सभा को उच्च सदन कहा जाता है. इसके चुनाव की प्रक्रिया लोकसभा से अलग होती है. 

लोकसभा को निम्न सदन. लोकसभा में सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है. इसके सदस्य आम चुनाव से चुने जाते हैं, जिसमें जनता सीधे वोट डालती है. जबकि राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव राज्यों की विधानसभाओं के विधायक (MLA) करते हैं, इसलिए इसे अप्रत्यक्ष चुनाव कहा जाता है.ॉ

राज्य सभा में चुनाव प्रक्रिया कैसी होती है? 

चुनाव की प्रक्रिया थोड़ी खास होती है. विधायक बैलेट पेपर के जरिए मतदान करते हैं और यह खुली मतदान प्रणाली होती है. यहां पर ईवीएम से चुनाव नहीं होते. यहां विधायकों को पार्टी द्वारा जारी व्हिप के अनुसार वोट करना होता है. उन्हें यह दिखाना होता है कि किसे वोट दिया है. 

यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर होता है, यानी मतदान में वरीयता प्रणाली अपनाई जाती है, जिसमें विधायक उम्मीदवारों को अपनी पसंद के अनुसार 1, 2, 3… नंबर देते हैं. यदि कोई उम्मीदवार तय कोटा (आवश्यक वोट) हासिल कर लेता है, तो उसके अतिरिक्त वोट उसकी अगली वरीयताओं के अनुसार दूसरे उम्मीदवारों में स्थानांतरित हो जाते हैं.

इस चुनाव में मतदाताओं को विशेष रंग के पेन का भी उपयोग करना होता है. अगर गलत रंग के पेन का इस्तेमाल किया तो मत भंग माना जाता है. यानी वोट कैंसल कर दिया जाता है. इसलिए चुनाव आयोग विधायक मतदाताओं को विशेष हिदायत देता है. 

राज्य विधान सभा चुनावों के लिए भी तैयारी 

इसके साथ ही, भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधान सभा चुनावों के लिए ईवीएम और वीवीपैट को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है. इसका उद्देश्य मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की कार्यप्रणाली से परिचित कराना है.

प्रेस नोट के मुताबिक, पांच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में ईवीएम डेमोंस्ट्रेशन सेंटर (EDCs) पर आयोजित शिविरों में 1.20 लाख से अधिक मतदाताओं ने भाग लिया, जबकि 1.16 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने इन प्रदर्शनों में मॉक वोट डाले. 10 फरवरी तक 29,000 से अधिक मतदान केंद्र स्थानों (PSLs) को मोबाइल डेमोंस्ट्रेशन वैन (MDVs) के माध्यम से कवर किया जा चुका है. आयोग ने बताया कि यह अभियान EDCs और MDVs के जरिए संरचित और समयबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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