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Kangana Ranaut: हिमाचल प्रदेश महिला आयोग ने उत्पीड़न पर लिया स्वतः संज्ञान, NCW से जांच की मांग

Updated at : 11 Sep 2020 10:09 AM (IST)
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Kangana Ranaut: हिमाचल प्रदेश महिला आयोग ने उत्पीड़न पर लिया स्वतः संज्ञान, NCW से जांच की मांग

Kangana Ranaut, Kangana Ranaut vs Shiv sena: बॉलीवुड क्वीन कही जाने वाली कंगना रनौत और महाराष्ट्र की उद्धव सरकार के बीच का विवाद गहराता ही जा रहा है. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बाद हिमाचल प्रदेश महिला आयोग ने कंगना के समर्थन में आवाज उठाई है. आयोग की सदस्य सचिव ने महाराष्ट्र सरकार की इस हरकत पर राष्ट्रीय महिला आयोग और महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव को पत्र लिखकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है.

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Kangana Ranaut, Kangana Ranaut vs Shiv sena: बॉलीवुड क्वीन कही जाने वाली कंगना रनौत और महाराष्ट्र की उद्धव सरकार के बीच का विवाद गहराता ही जा रहा है. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बाद हिमाचल प्रदेश महिला आयोग ने कंगना के समर्थन में आवाज उठाई है. आयोग की सदस्य सचिव ने महाराष्ट्र सरकार की इस हरकत पर राष्ट्रीय महिला आयोग और महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव को पत्र लिखकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है.

साथ ही कार्रवाई के लिए एक्शन टेकन रिपोर्ट की एक कॉपी भी दी है. आयोग ने पत्र की एक प्रति महाराष्ट्र महिला आयोग को भी भेजा है. पत्र में कहा गयी है कि हिमाचल की बेटी एवं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत के साथ महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी गलत व्यवहार कर रही है. उत्पीड़न कर रही है. कंगना ने प्रदेश का मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है.


हिमाचल की बेटी का अपमान कर रही उद्धव सरकार

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कंगना के घर और दफ्तर पर कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि जिस तरह कंगना पर एफआईआर दर्ज की जा रही है, उससे साफ है कि कंगना को परेशान किया जा रहा है. कंगना के ट्वीट एक नेता के गलत बयानबाजी की प्रतिक्रिया भर हैं.

शिवसेना के नेता गलत शब्दों का इस्तेमाल करने के बाद वहां की सरकार ताकत का दुरुपयोग कर कंगना को परेशान कर देश और हिमाचल की बेटी का अपमान कर रही है. हिमाचल सरकार की जिम्मेदारी है कि उनकी सुरक्षा हो. वहीं, प्रदेश भर में कंगना रनौत के समर्थन में भाजपाने जगह-जगह महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए, पुतले फूंके, नारेबाजी की.

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ऐसे शुरू हुआ पूरा विवाद

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से फिल्म इंडस्ट्री में भाई-भतीजावाद वंशवाद के खिलाफ खुलकर बोल रही कंगना रनौत ने अब महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कंगना और महाराष्ट्र सरकार के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र के बारे में कंगना के एक हालिया बयान से विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने दावा किया था कि वह मुंबई में असुक्षित महसूस करती हैं.

इसके बाद शिवसेना के नेता संजय राउत ने उनसे मुंबई वापस नहीं आने को कहा था. राउत के इस बयान के बाद एक्ट्रेस ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से की थी. दो दिन पहले महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ बयान देने के बाद कंगना रनौत के मुंबई स्थित ऑफिस में बीएमसी ने तोड़फोड़ की थी. हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने बाद में प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया था. इसके बाद मामले पर सियासत तेज हो गई थी. बीजेपी समेत तमाम विपक्षी दलों ने उद्धव सरकार की जमकर आलोचना की.

Posted By: Utpal kant

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