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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट के अगले CJI कौन? जिनके 5 बड़े फैसलों की होती है चर्चा 

Updated at : 17 Oct 2024 3:04 PM (IST)
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Justice Sanjiv Khanna

Justice Sanjiv Khanna

Supreme Court: सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने जस्टिस संजीव खन्ना का नाम देश के अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में प्रस्तावित किया है. डीवाई चंद्रचूड़ 10 नवंबर को अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं. जस्टिस संजीव खन्ना को उनके सख्त और निर्णायक फैसलों के लिए जाना जाता है.

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Supreme Court: जस्टिस संजीव खन्ना देश के 51वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने जा रहे हैं. इस बात की औपचारिक घोषणा गुरुवार को की गई. वह 10 नवंबर को वर्तमान CJI डीवाई चंद्रचूड़ की सेवानिवृत्ति के बाद यह पद संभालेंगे और पांच महीने तक इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे. उनके प्रमुख फैसलों पर नजर डालें तो उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की है. आइए उनके कार्यकाल के दौरान आए पांच प्रमुख फैसलों पर चर्चा करते हैं.

केजरीवाल को चुनाव के दौरान मिली जमानत

2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था. चुनावी समय में यह माना जा रहा था कि आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता जेल में ही रहेंगे. लेकिन जस्टिस संजीव खन्ना ने चुनाव प्रचार के लिए केजरीवाल को जमानत देकर सबको चौंका दिया. बाद में उनकी बेंच ने केजरीवाल को नियमित जमानत भी दी.

बिलकिस बानो केस

बहुचर्चित बिलकिस बानो केस में, बलात्कार के दोषियों ने अपनी छूट को रद्द किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जस्टिस खन्ना की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिससे दोषियों को अपनी याचिका वापस लेनी पड़ी. यह फैसला कड़ा और सख्त माना गया.

हिजाब बैन

मुंबई के एक निजी कॉलेज द्वारा जुलाई में जारी सर्कुलर में हिजाब और टोपी पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया था. जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने इस सर्कुलर पर आंशिक रूप से रोक लगाई और कहा कि छात्राओं को अपनी पसंद से कपड़े पहनने की आजादी होनी चाहिए. बेंच ने यह सवाल भी उठाया कि अगर कॉलेज धार्मिक प्रतीकों को छिपाना चाहता था तो तिलक और बिंदी पर रोक क्यों नहीं लगाई गई.

गुरमीत राम रहीम को मिली राहत

जस्टिस खन्ना की बेंच ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से जुड़े एक मामले में पंजाब सरकार की याचिका को खारिज कर दिया. याचिका में संत कबीर और गुरु रविदास के भक्तों की धार्मिक मान्यताओं का अपमान करने के आरोप में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने कहा कि याचिका में पर्याप्त आधार नहीं हैं और राम रहीम को राहत दी.

श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद

कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में, जस्टिस संजीव खन्ना ने हिंदू श्रद्धालुओं द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी. इस फैसले के बाद, शाही मस्जिद ईदगाह प्रबंधन समिति की याचिका पर नवंबर में सुनवाई होने वाली है. इन फैसलों ने जस्टिस संजीव खन्ना को न्यायिक क्षेत्र में एक मजबूत और निष्पक्ष न्यायाधीश के रूप में स्थापित किया है.

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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