नीट पेपर लीक : राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर फिर बोला हमला- आपने 12 सालों में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया

राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक मामले में मोदी सरकार पर हमला किया
Rahul Gandhi : राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि मोदी जी कुर्सी स्थायी नहीं होती, आती-जाती रहती है. लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है.
Rahul Gandhi : नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है और कहा कि इस सरकार ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करके रख दिया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी, लेकिन नीट पेपर लीक होने की वजह से उसकी जान चली गई.
आकांक्षा के पिता ने वह सबकुछ किया जो एक पिता कर सकता है
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि आकांक्षा के पिता ने वह सबकुछ किया, जो एक पिता कर सकता है. उन्होंने आकांक्षा की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया, कुक की नौकरी की, लेकिन परिणाम क्या निकला? उनकी बेटी परीक्षा स्थगित होने की वजह से इस दुनिया को अलविदा कह गई. राहुल गांधी लिखते हैं कि आकांक्षा के पिता किसान हैं. बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर 3 लाख रुपए का कर्ज लिया है और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहां कोचिंग कर सके. आकांक्षा ने 3 मई को नीट की परीक्षा दी और फिर परीक्षा स्थगित हो गई. परीक्षा स्थगित होने से आकांक्षा सदमे में चली गई और उसने पिछले दिनों आत्महत्या कर ली.
मोदी सरकार की भ्रष्ट व्यवस्था आकांक्षा की मौत की वजह
राहुल गांधी ने आकांक्षा की मौत के लिए मोदी सरकार की भ्रष्ट व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है. वे लिखते हैं कि आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं, मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है. वे तंज कसते हैं कि इतना कुछ होने के बाद भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज भी अपने पद पर बने हुए हैं. केवल कुछ कमेटी बन रही है, ट्रांसफर हो रहे हैं और जांच हो रही है. व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है और ना ही पीड़ितों को न्याय मिल रहा है.
इसे भी पढ़ें : बढ़ता शहरीकरण गर्मी में ज्यादा बीमार कर रहा है
डीके शिवकुमार बने कर्नाटक के नये मुख्यमंत्री, संविधान की प्रति हाथ में लेकर ली शपथ
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










