आज शाम डीके शिवकुमार लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, आवास के बाहर जुटे समर्थक
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 03 Jun 2026 11:56 AM
समर्थकों का अभिवादन करते डीके शिवकुमार
DK Shivakumar : सिद्धारमैया के शासन का अंत कर्नाटक में हो गया है और अब वहां डीके शिवकुमार के शासन का आरंभ होने जा रहा है. डीके शिवकुमार के लीडरशिप में कांग्रेस हाईकमान का पूरा भरोसा है और इस भरोसे के प्रति शिवकुमार ने विश्वास भी जताया है.
DK Shivakumar : कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार बुधवार 3 जून की शाम को चार बजे शपथ लेने वाले हैं, उसके पहले उन्होंने अपने आवास के बाहर अपने समर्थकों से उनकी शुभकामनाएं लीं.
डीके शिवकुमार के आवास के बाहर जमी है भीड़
डीके शिवकुमार ने 2023 के चुनाव में काफी मेहनत की थी, जिसकी वजह से कांग्रेस पार्टी बहुमत से चुनाव जीत पाई. उनके समर्थकों की संख्या भी बहुत अच्छी खासी है, जो उनके मुख्यमंत्री बनने से बहुत खुश हैं. बुधवार सुबह से ही उनके समर्थक उनके आवास के बाहर जमा हो रहे हैं और उनके समर्थन में नारे लगा रहे हैं. डीके शिवकुमार ने बाहर आकर उनसे शुभकामनाएं लीं और हाथ जोड़कर उनका शुक्रिया अदा किया.
शिंदे सहित कांग्रेस के कई नेता पहुंचे बेंगलुरु
कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए बेंगलुरु पहुंच गए हैं. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में हमेशा सही फैसले लिए जाते हैं. ऐसा होता कि कभी-कभी फैसले लेने में समय लगता है, पर सही फैसले होते हैं. मुझे विश्वास है कि डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया पार्टी को आगे ले जाने के लिए साथ काम करेंगे. कांग्रेस नेता जी परमेश्वर डीके शिवकुमार के बेंगलुरु स्थित घर पहुंचे हैं. वहीं केरल कांग्रेस के एमपी एंटो एंटनी भी डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए बेंगलुरु पहुंचे हैं.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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