Jhargram News : बाघिन 'जीनत' झारखंड सीमा के रास्ते बेलपहाड़ी जंगल में घुसी, डर के साए में ग्रामीण

Edited by Amitabh Kumar
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ग्रामीणों को सतर्क करते वनकर्मी

Jhargram News : बाघिन 'जीनत' बेलपहाड़ी जंगल में घुस गई है. इसकी वजह से डर के साए में ग्रामीण जी रहे हैं. झारखंड सीमा के रास्ते वह यहां पहुंची है. वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है.

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Jhargram News : ओडिशा के सिमलीपाल जंगल की बाघिन ‘जीनत’ झारखंड सीमा के रास्ते बेलपहाड़ी जंगल में प्रवेश कर गयी है. बाघिन जीनत के डर से झाड़ग्राम के बेलपहाड़ी सहित कई इलाके की सड़कें सुनसान हो गयी हैं. ग्रामीणों में दहशत है. वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए लाउडस्पीकर से सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है.

मालूम हो कि वर्ष 2018 में वन विभाग की ओर से लालगढ़ जंगल में एक बाघ को पकड़ने की कोशिश की गयी थी. वह बाघ भी सिमलीपाल जंगल से आया था, लेकिन वह बाघ वापस नहीं लौट पाया था. मेदिनीपुर वन प्रमंडल के चांडड़ा इलाके में टांगी, बल्लम और लाठी से शिकारियों ने बाघ को मार डाला था. जीनत के आने से पुराने दिनों की यादें फिर से एक बार ताजा हो गई है.

वन विभाग के मुताबिक, रेडियो कॉलर के ट्रैकर को बेलपहाड़ी के कटुचुआ से सटे जंगल में बाघिन के मूवमेंट का संकेत मिला है. शुक्रवार की रात बाघिन जंगल के रास्ते सिंगाडोबा की ओर बढ़ रही थी. वन विभाग के लिए बाघिन एक चुनौती है. झाड़ग्राम डीएफओ उमर इमाम का कहना है कि अगर शाम के बाद अकेले बाहर जाना जरूरी हुआ, तो रेंज ऑफिसर और बीट ऑफिसर को सूचित करें, वन विभाग की गाड़ी उन्हें ‘एस्कॉर्ट’ करेगी.

इसके बावजूद कुछ पर्यटकों को जंगल से गुजरते हुए सड़क पर वाहन खडे़ करके बेखौफ मोबाइल से सेल्फी लेते नजर आए. जीनत के आने के बाद से क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी बढ़ा दी गयी है.

बेलपहाड़ी टूरिज्म एसोसिएशन के प्रवक्ता का कहना है कि क्रिसमस की पूर्व संध्या और क्रिसमस की छुट्टियों की वजह से लोग छुट्टी मनाने आए हैं. ऐसे समय में बाघिन जीनत की मौजूदगी से हम भी परेशानी में हैं. लोगों से अपील की जा रही है कि अफवाह न फैलायें, वन कर्मियों की सलाह मानें.

वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक, बाघिन की गतिविधियों को जानने के लिए उच्च क्षमता वाले ड्रोन कैमरे लाये गये हैं. बाघिन के लिए पिंजरे तैयार रखे गये हैं. इसके अलावा एम्बुलेंस व बाघिन के चारे के लिए पालतू मवेशी भी लाये गये है, ताकि बाघिन जीनत को पिंजरे में कैद किया जा सके. वन मंत्री बीरबाहा हांसदा ने कहा, ”क्षेत्र में बाघ-अनुभवी अधिकारियों को भेजा गया है. निगरानी जारी है. सुंदरवन से विशेषज्ञ टीमें भी आ रही हैं.”

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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