मणिपुर में तनाव: कुकी घायलों को अस्पताल लाने पर नागाओं का हंगामा, सुरक्षा बलों ने दागे आंसू गैस के गोले
अस्पताल के बाहर नागाओं का प्रदर्शन, फोटो एक्स
Manipur के कांगपोकपी जिले में सोमवार को दो समूहों के बीच हुई गोलीबारी में कम से कम तीन लोग घायल हो गए. तीनों घायल कुकी समुदाय से हैं. तीनों को अस्पताल लाने को लेकर नागाओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया. जिसके बाद सुरक्षा बलों को मोर्चा संभालना पड़ा.
Manipur: सुरक्षा बलों ने लैम्पहेलपट स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया. सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज भी किया. ये लोग लेइलोन वाइफेई गांव के तीन घायल कुकी के दाखिले को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. अस्पताल परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है.
ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने सुरक्षा बलों पर लगाया आरोप
ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन के असेंबली मामलों के सेक्रेटरी, टीपी डाइनिंग ने कहा, RIMS (रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) में जो हो रहा है, उसे जानकर हमें बहुत हैरानी हुई है. जब कुकी लोगों ने हमारे छह बेगुनाह भाइयों की हत्या कर दी थी, तब मणिपुर सरकार, भारत सरकार और सुरक्षा बल समय पर तैनात होने में नाकाम रहे थे. आज 3 कुकी उग्रवादियों को इंफाल लाया गया. इन 3 कुकी उग्रवादियों को भारतीय सुरक्षा बलों की मदद से RIMS लाया गया; उनमें से दो की हालत बहुत गंभीर है. मणिपुर सरकार और कुकी समुदाय के बीच संबंधों के पीछे जरूर कोई वजह होगी, उन्होंने उन्हें सुरक्षित क्यों लाया?
नागा और कुकी समुदाय के बीच सुबह हुई थी गोलीबारी
गोलीबारी सुबह करीब छह बजे लेइलोन वैप्हेई गांव के पास हुई, जब दो आदिवासी समुदायों से जुड़े हथियारबंद लोगों ने कुकी बहुल इस जिले में एक-दूसरे पर गोलीबारी की. सभी घायल कुकी समुदाय से थे, जिन्हें सुरक्षा बलों ने इलाज के लिए इंफाल स्थित क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में पहुंचाया. उनकी पहचान जेन्लेनमांग वैफेई (18), लुनलियंदाव वैफेई (20) और पाओगौ लाल (18) के रूप में हुई है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










