ईरानी तेल जहाज बीच समंदर में मुड़ा, खरीदार कौन? अब भी सस्पेंस बरकरार

Updated at : 03 Apr 2026 2:29 PM (IST)
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Iran Oil Tanker India ping shun china turn india

ईरानी तेल जहाज

Iran Oil Tanker India: 7 साल बाद भारत आने वाला ईरानी तेल टैंकर ‘पिंग शुन’ बीच समंदर से मुड़कर चीन की ओर बढ़ गया. जानिए क्या है पूरा मामला, खरीदार कौन और क्यों बदली दिशा.

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Iran Oil Tanker India: ईरान से 7 साल बाद भारत की ओर बढ़ रहे कच्चे तेल के जहाज को लेकर बड़ा ट्विस्ट सामने आया है. भारत के लिए रवाना हुआ ईरानी तेल टैंकर ‘पिंग शुन’ बीच समुद्र से ही यू-टर्न लेकर अब चीन की ओर बढ़ गया है. लेकिन अभी तक यह साफ नहीं है कि इस जहाज का अंतिम गंतव्य क्या है और तेल का खरीदार कौन है?

भारत से हटकर चीन की ओर रुख?

शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह जहाज पहले भारत के पश्चिमी तट के पास वाडीनार बंदरगाह की ओर आ रहा था. लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पार करने के बाद इसने अचानक अपनी दिशा बदल ली. ताजा अपडेट के मुताबिक, फिलहाल यह चीन के डोंगयिंग की ओर बढ़ रहा है. हालांकि, ऐसे गंतव्य अक्सर बदलते रहते हैं और अंतिम मंजिल कुछ और भी हो सकती है.

7 साल बाद आने वाली थी पहली खेप

अगर यह जहाज भारत पहुंचता, तो मई 2019 के बाद यह ईरानी तेल की पहली सप्लाई होती. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘पिंग शुन’ में करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल लदा है. यह अफ्रामैक्स श्रेणी का जहाज है, जिसका निर्माण 2002 में हुआ था और 2025 में इस पर अमेरिकी प्रतिबंध लगाए गए थे.

अमेरिका की छूट के बावजूद अटका मामला

सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने समुद्र में पहले से मौजूद ईरानी तेल कार्गो के लिए सीमित अवधि की छूट दी थी. इसी के बाद इस डील की संभावना बनी थी. लेकिन भुगतान, बीमा और शिपिंग से जुड़ी जटिलताओं के कारण यह सौदा अटक गया और जहाज ने रास्ता बदल लिया.

खरीदार कौन? अब भी सस्पेंस

शुरुआत में माना जा रहा था कि यह तेल वाडीनार स्थित नायरा एनर्जी की रिफाइनरी के लिए है. लेकिन जहाज के दिशा बदलने के बाद यह समीकरण पूरी तरह बदल गया है. भारत सरकार या संबंधित कंपनियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

भारत-ईरान तेल व्यापार का इतिहास

भारत कभी ईरानी तेल का बड़ा खरीदार रहा है. एक समय देश के कुल तेल आयात में ईरान की हिस्सेदारी करीब 11.5% तक थी. 2018 में भारत ने करीब 5.18 लाख बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा गया था. इसके बाद मई 2019 तक यह घटकर 2.68 लाख बैरल रह गया. अब इसके बाद अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते आयात पूरी तरह बंद हो गया.

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Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

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