ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि बोले- भारतीय भाई-बहनों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी, 3000 छात्र सुरक्षित

Updated at : 08 Apr 2026 5:45 PM (IST)
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Iran Envoy on Indian Students safety and us ceasefire

तस्वीर में ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही.

Iran Envoy on Indian Students: ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है. ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा देते हुए 3000 छात्रों की मदद की जानकारी दी है. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच 10 शर्तों पर 2 हफ्ते का सीजफायर हो गया है.

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Iran Envoy on Indian Students: ईरान के सुप्रीम लीडर के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भारत और भारतीयों की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि युद्ध के मुश्किल समय में भारतीय नागरिकों और छात्रों का ख्याल रखना उनकी जिम्मेदारी है. एएनआई से बातचीत में इलाही ने बताया कि जब तनाव चरम पर था, तब ईरान ने तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ मिलकर काम किया ताकि वहां मौजूद छात्रों और सैलानियों की मदद की जा सके.

3000 भारतीय छात्रों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया

इलाही के मुताबिक, तेहरान और दूसरे शहरों में पढ़ रहे करीब 3,000 भारतीय छात्रों (जिनमें ज्यादातर मेडिकल के थे) को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया. इसके अलावा, 400 भारतीय पर्यटकों के लिए रहने और खाने का इंतजाम किया गया. बाद में उन्हें आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित भारत भेजने में मदद की गई. इलाही ने कहा कि भारतीय लोग बहुत दयालु और वफादार होते हैं, उनके गुणों को शब्दों में बयान करना मुश्किल है. उन्होंने पीएम मोदी और ईरान के नेतृत्व के बीच हुई सफल बातचीत का भी जिक्र किया.

1777 भारतीयों की हुई वतन वापसी

विदेश मंत्रालय (MEA) की सोमवार को आई रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अब तक 1,777 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित वापस निकाल लिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक ब्रीफिंग में बताया कि इस पूरे मिशन में ईरान, आर्मेनिया और अज़रबैजान की सरकारों ने भारतीय दूतावास का पूरा सहयोग किया है.

अमेरिका ने ईरान पर किए 10 हजार हमले

इलाही ने एएनआई को बताया कि अमेरिका ने ईरान के एयरफोर्स और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाते हुए 10,000 से ज्यादा हमले किए. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने ईरान पर हमला करने के लिए अरब देशों में बने अपने ठिकानों का इस्तेमाल किया. इलाही ने दावा किया कि मीनाब स्कूल पर गिरी मिसाइल भी इन्हीं ठिकानों से आई थी, जिसमें 170 मासूम लड़कियों की जान चली गई. उन्होंने साफ किया कि ईरान ने जवाब में सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाया, न कि आम नागरिकों को.

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ईरान और अमेरिका के बीच 2 हफ्ते का सीजफायर

अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल दो हफ्ते के युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति बनी है. इलाही ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल ने ईरान की तेल रिफाइनरियों पर हमला किया, तो दुनिया में कोई दूसरी रिफाइनरी काम करने लायक नहीं बचेगी. उन्होंने कहा कि ईरान अब पहले से ज्यादा ताकतवर है. दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया है और ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव को ‘काम करने लायक’ (Workable) बताया है.

होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर ईरान का कंट्रोल

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शिपिंग रूट खुलवाने का क्रेडिट लेने पर इलाही ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में है. युद्ध से पहले भी यह रास्ता खुला था और ईरान ही तय करता है कि वहां क्या होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दो हफ्ते के ब्रेक के दौरान बातचीत आगे बढ़ेगी और शांति बनी रहेगी. फिलहाल दोनों देशों के प्रतिनिधि दल ईरान की ओर से रखी गई 10 शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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