Coronavirus Attack in IIT Madras: आइआइटी मद्रास में कोरोना अटैक, सौ से अधिक संक्रमित, लैब-लाइब्रेरी समेत सभी विभाग बंद

Coronavirus Attack in IIT Madras: आइआइटी-मद्रास में कोरोना का अटैक हुआ है. संस्थान के 100 से अधिक लोग संक्रमित पाये गये हैं. इनमें से अधिकतर छात्र हैं. तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव जे राधाकृष्णन ने बताया कि 104 छात्र और अन्य संक्रमित लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सभी की हालत स्थिर है.
Coronavirus Attack in IIT Madras: आइआइटी-मद्रास में कोरोना का अटैक हुआ है. संस्थान के 100 से अधिक लोग संक्रमित पाये गये हैं. इनमें से अधिकतर छात्र हैं. तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव जे राधाकृष्णन ने बताया कि 104 छात्र और अन्य संक्रमित लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सभी की हालत स्थिर है. कैंपस में संक्रमण फैलने के बाद लैब, लाइब्रेरी समेत सभी विभागों को बंद कर दिया गया है. अब कक्षाएं ऑनलाइन ली जा रही हैं.
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि कैंपस में पढ़नेवाले 774 छात्रों में से 104 की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है. इसके बाद मेस को बंद कर दिया गया है और छात्रों के रूम में खाना पहुंचाया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, नौ छात्रावास और एक गेस्ट हाउस कोरोना की चपेट में है. अभी तक 774 में से 444 छात्रों का कोरोना टेस्ट किया गया है. इसके अलावा, चार मेस स्टाफ और एक रेजिडेंट क्वार्टर में रहने वाले शामिल हैं. यह संस्थान एक दिसंबर को खुला था और 12 दिसंबर तक 104 छात्र संक्रमित पाये गये.
बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान से ज्यादा कोरोना वैक्सीन तमिलनाडु को मिलेगी : भारत में जिन राज्यों के निवासी 50 साल से ज्यादा उम्र के और अन्य बीमारियों जैसे मधुमेह और ब्लड प्रेशर से ग्रसित हैं, उन्हें वैक्सीन के ज्यादा डोज मिलने की उम्मीद है. ऐसे में तमिलनाडु को कम आबादी होने के बावजूद बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान की तुलना में वैक्सीन की अधिक खुराक मिल सकती है. बिहार की अनुमानित 12.3 करोड़ जनसंख्या तमिलनाडु के 7.6 करोड़ से लगभग 60 प्रतिशत बड़ी है. बिहार में केवल 1.8 करोड़ लोग ही 50 साल और उससे अधिक उम्र के हैं, जबकि तमिलनाडु में यह संख्या दो करोड़ है. वहीं, केरल में करीब एक करोड़ लोग 50 वर्ष से अधिक आयु के हैं.
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रूस की स्पूतनिक-वी वैक्सीन 91.4 फीसदी प्रभावी : आरडीआइएफ- रूस की स्पूतनिक-वी वैक्सीन कोरोना के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने में 91.4 फीसदी असरकारक है. कोरोना के गंभीर मामलों में इसने 100 फीसदी असर दिखाया है. गामलेया सेंटर और रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआइएफ) ने कहा कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन 91.4 फीसदी असरकारी है. यह रिपोर्ट पहला डोज देने के 21 दिनों बाद प्राप्त डाटा के विश्लेषण पर आधारित है.
रूसी संघ के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुरासको ने कहा कि गामलेया सेंटर टीके के असरकारक होने पर नया आंकड़ा काफी उत्साहजनक है. आरडीआइएफ के सीइओ किरील दमित्रीदेव ने कहा कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे एवं अंतिम नियंत्रण बिंदु के आंकड़ों के विश्लेषण से टीके की 90 फीसदी से अधिक प्रभावशीलता की पुष्टि हुई है.
अमेरिका में भी टीकाकरण शुरू, पहली डोज नर्स को : कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका में भी सोमवार से टीकाकरण शुरू हो गया. इसे अमेरिकी इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बताया जा रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी. अमेरिका में फाइजर-बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन की पहली डोज एक अश्वेत नर्स सैंड्रा लिंडसे को लगायी गयी. न्यूयॉर्क सिटी के लॉन्ग आइलैंड जेविश मेडिकल सेंटर के आइसीयू में कार्यरत नर्स सैंड्रा ने कहा कि अब मुझे उम्मीद नजर आ रही है. यहां पहले फेज में स्वास्थ्य कर्मियों को यह वैक्सीन दी जानी है.
Posted by: Pritish Sahay
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