न्यायपालिका की गरिमा धूमिल करने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा : चीफ जस्टिस
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 25 Feb 2026 3:39 PM
सुप्रीम कोर्ट
Supreme Court of India : न्यायपालिका को बदनाम करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा, चाहे यह कोशिश करने वाला व्यक्ति कितना भी ताकतवर क्यों ना हो. चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एनसीईआरटी की एक किताब में पढ़ाए जाने वाले विषय पर गंभीर चिंता जताते हुए उक्त बातें कही.
Supreme Court of India : एनसीईआरटी की कक्षा 8 की एक किताब के एक पाठ पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने गंभीर आपत्ति जताई है और कहा है कि वे किसी भी हाल में न्यायिक संस्था को बदनाम करने या उसकी प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ करने नहीं देंगे.
न्यायपालिका की गरिमा धूमिल नहीं होने दी जाएगी : चीफ जस्टिस
चीज जस्टिस सूर्यकांत ने यह बात तब कही, जब अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उनसे एनसीईआरटी की एक किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित विषय पढ़ाए जाने की जानकारी दी. कोर्ट ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी है और कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है. उन्होंने कहा कि मैं किसी को भी न्यायपालिका की गरिमा धूमिल करने नहीं दूंगा. कोर्ट ने कहा कि चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, कानून अपना काम करेगा.
न्यायपालिका को बदनाम करने की सोची–समझी साजिश
चीफ जस्टिस ने कहा कि कृपया कुछ दिनों तक प्रतीक्षा करें. इस विषय के सामने आने से बार और बेंच सभी चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि यह एक सोचा-समझा कदम प्रतीत होता है. अगर भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ना है तो इसमें प्रशासनिक अधिकारियों का जिक्र क्यों नहीं है, सिर्फ न्यायपालिका की चर्चा क्यों? मैं इस बारे में ज्यादा नहीं कहूंगा, लेकिन न्यायपालिका को बदनाम नहीं होने दिया जाएगा. जस्टिस बागची ने कहा कि यह पुस्तक संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध प्रतीत होती है.
विवाद क्या है?
एनसीईआरटी की सोशल स्टडी की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, लंबित मामलों और न्यायाधीशों की कमी को न्यायिक प्रणाली के सामने चुनौतियों के रूप में पढ़ाया जा रहा है. नयी पुस्तक के ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ चैप्टर में इन बातों का जिक्र किया गया है.
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लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.
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