Budget 2026: ग्रामीण विकास की गति को रफ्तार देने का काम करेगा बजट

Updated at : 01 Feb 2026 7:08 PM (IST)
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Budget 2026: ग्रामीण विकास की गति को रफ्तार देने का काम करेगा बजट

ग्रामीण विकास और कृषि विभाग का सम्मिलित बजट अब 4 लाख 35 हज़ार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. यह गांव और किसान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. ग्रामीण विकास के कुल बजट में अकेले ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के लिए राज्यों के अंशदान सहित लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.

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Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखने का काम करेगा. यह बजट विकसित भारत के सपने को साकार करने के साथ समाज की समृद्धि और संकल्पों की सिद्धि का बजट है. यह बजट गांव, गरीब, किसान, युवा और महिला सहित सभी वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट में इस साल 21 फीसदी की वृद्धि की गयी है. ग्रामीण विकास और कृषि विभाग का सम्मिलित बजट अब 4 लाख 35 हज़ार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. यह गांव और किसान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. ग्रामीण विकास के कुल बजट में अकेले ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के लिए राज्यों के अंशदान सहित लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.

जबकि मनरेगा के लिए पिछली बार कुल आवंटन लगभग 86000 करोड़ रुपये था. जी राम जी के इस बार बजट में सिर्फ केंद्र की हिस्सेदारी 95692 करोड़ रुपये से अधिक की गयी है. राज्यों के हिस्से को जोड़ने पर यह राशि 151000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी. लखपति दीदी योजना की को आगे बढ़ाते हुए बजट में सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर की व्यवस्था की गयी है. इसके तहत हर जिले में बहनों के उत्पादों को बेचने के लिए एक प्लेटफार्म के रूप में कम्युनिटी‑ओन्ड रिटेल आउटलेट स्थापित होंगे, जहां स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण बहनों द्वारा तैयार उत्पादों को नया बाजार मिलेगा. पशुपालन, कृषि से जुड़ी गतिविधियों और अन्य कार्यों में लगी बहनें अब केवल आजीविका तक सीमित नहीं रहकर उद्यमी के रूप में आगे बढ़ सकेगी. 


विकसित और स्वावलंबी गांव बनाने पर रहेगा जोर


बजट में 16वें वित्त आयोग के फैसले के तहत पंचायतों को सीधे 55900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि देने का काम किया गया है. पिछले पांच साल में पंचायतों को लगभग 236000 करोड़ रुपये सीधे मिले थे, जो अब बढ़कर 435000 करोड़ रुपये हो जायेगा. यानि अब पंचायतों को सीधे दोगुना राशि मिलेगी. कृषि मंत्रालय का बजट 132561 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इसके अलावा कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए 9967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे शोध और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा. 
किसानों के लिए उर्वरक सब्सिडी के लिए 170944 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है.

साथ ही नेशनल फाइबर स्कीम के तहत सिल्क, वूल और जूट जैसे फाइबर पर फोकस किया गया है, जिससे इनसे जुड़े किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. परंपरागत फसलों के साथ‑साथ नारियल, कोको, काजू और चंदन की लकड़ी जैसी उच्च‑मूल्य फसलों के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं. नारियल के पुराने बागों का पुनरुद्धार और नए बाग लगाने के लिए बजट में व्यवस्था की गयी है. फलों और सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने और उन्हें आसानी से उपभोक्ता तक पहुंचाने के लिए अलग प्रावधान किए गए हैं, ताकि किसान को बेहतर दाम और उपभोक्ता को आसान उपलब्धता मिल सके.

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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