ममता बनर्जी नहीं रहीं बंगाल की मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल बर्खास्त, 18वीं विधानसभा के गठन का रास्ता साफ

Published by :Mithilesh Jha
Published at :08 May 2026 8:15 AM (IST)
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West Bengal Assembly Dissolved 2026 Mamata Banerjee No More Chief Minister of West Bengal

West Bengal Assembly Dissolved 2026: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने 17वीं विधानसभा भंग कर दी है. संविधान के अनुच्छेद 174 (2) के तहत जारी इस आदेश के बाद अब 18वीं विधानसभा के गठन और नयी सरकार के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हो गया है.

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West Bengal Assembly Dissolved: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक अध्याय का अंत हो गया. राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार, 7 मई को राज्य की 17वीं विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया. इस फैसले के साथ ही मई 2021 में अस्तित्व में आयी 17वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया. इसके साथ ही ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री नहीं रहीं.

सबकी नजरें नयी सरकार के शपथ ग्रहण पर टिकीं

राज्यपाल का यह आदेश चुनाव नतीजों के बाद राज्य में सत्ता के हस्तांतरण और नयी सरकार के शपथ ग्रहण की दिशा में सबसे बड़ी प्रक्रिया है. अब सबकी नजरें 18वीं विधानसभा के गठन और नये मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं.

मुख्य सचिव ने जारी की अधिसूचना

राज्यपाल आरएन रवि ने संविधान के अनुच्छेद 174 (2) की उप-धारा (ख) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल कर विधानसभा भंग करने के निर्देश दिये हैं. संसदीय कार्य विभाग की ओर से जारी इस अधिसूचना को मुख्य सचिव दुष्मंत नारियाला ने जनहित में प्रकाशित किया है. आदेश के मुताबिक, गुरुवार (7 मई 2026) से ही निवर्तमान विधानसभा का अस्तित्व समाप्त माना जायेगा.

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17वीं विधानसभा का सफर : 2021 से 2026 तक

  • यह विधानसभा पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास के सबसे उतार-चढ़ाव वाले दौर की गवाह रही.
  • सदन का गठन मई 2021 में हुआ था, जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने भारी बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की थी.
  • हाल ही में संपन्न हुए 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद अब इस सदन का कार्यकाल पूरा हो गया है.
  • पुरानी विधानसभा भंग होने के साथ ही अब नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के शपथ लेने और नये सदन के संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है.

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अब आगे क्या? शपथ ग्रहण की तैयारी तेज

विधानसभा भंग होना महज एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बंगाल में नयी व्यवस्था के स्वागत का संकेत है. अगले कुछ दिनों में राजभवन और ब्रिगेड परेड ग्राउंड (संभावित स्थल) में भारी गहमागहमी रहने वाली है. बहुत जल्द नयी सरकार के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा.

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West Bengal Assembly Dissolved: 18वीं विधानसभा का पहला सत्र

शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल नयी विधानसभा का पहला सत्र बुलाने की तारीख घोषित करेंगे, जिसमें सभी नवनिर्वाचित विधायक शपथ लेंगे. राज्यपाल के इस आदेश ने बंगाल में सत्ता परिवर्तन की कानूनी मुहर लगा दी है. टीएमसी सरकार के कार्यकाल के औपचारिक समापन और भाजपा की नयी सरकार के उदय के बीच यह एक अनिवार्य संवैधानिक कड़ी है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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