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गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स से पीछे हटने के लिए मजबूर हुआ ड्रैगन, अब स्थिति का जायजा लेने पहुंचे सेना प्रमुख

Updated at : 10 Sep 2022 10:10 PM (IST)
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गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स से पीछे हटने के लिए मजबूर हुआ ड्रैगन, अब स्थिति का जायजा लेने पहुंचे सेना प्रमुख

Jodhpur: Union Home Minister Amit Shah speaks during a BJP meeting in Jodhpur, Saturday, Sept. 10, 2022. (PTI Photo)(PTI09_10_2022_000157B)

विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों की सेना गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स के ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट 15' से पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह प्रक्रिया 12 सितंबर तक पूरी हो जाएगी. इस स्थान पर दोनों सेनाओं के बीच पिछले दो साल से अधिक समय से गतिरोध बना हुआ है.

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भारत और चीन के बीच पिछले 28 महीने से जारी गतिरोध खत्म होने की स्थिति में है. पूर्वी लद्दाख के गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स इलाके से दोनों देशों की सेना पीछे हटना शुरू कर दी है. यह प्रक्रिया 12 सितंबर तक पूरी हो जाएगी.

थल सेना प्रमुख ने लिया स्थिति का जायजा

सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने शनिवार को पूर्वी लद्दाख का दौरा किया और की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया. सेना प्रमुख ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया. इस दौरान उन्हें पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 से सेना के पीछे हटने की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी ली. उन्होंने सैन्य अभ्यास को भी देखा.

Also Read: 12 सितंबर तक पूर्वी लद्दाख के गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स से भारत-चीन की सेना होगी वापसी, दो साल से बना है गतिरोध

12 सितंबर तक गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स से पीछे हटा जाएगी चीनी सेना

विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों की सेना गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स के ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट 15′ से पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह प्रक्रिया 12 सितंबर तक पूरी हो जाएगी. इस स्थान पर दोनों सेनाओं के बीच पिछले दो साल से अधिक समय से गतिरोध बना हुआ है.

शंघाई सहयोग संगठन के वार्षिक शिखर सम्मेलन हिस्सा लेंगे शी जिनपिंग और पीएम मोदी

उज्बेकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन से लगभग एक सप्ताह पहले इलाके से पीछे हटने की घोषणा की गई. इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भाग लेने की उम्मीद है. बीजिंग में, यह पूछे जाने पर कि क्या भारत और चीन 15 से 16 सितंबर को समरकंद में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर मोदी-शी की संभावित बैठक के बारे में एक-दूसरे के संपर्क में हैं.

17 जुलाई को हुई थी भारत-चीन कोर कमांडरों की 16वें दौर की वार्ता

भारत और चीन के कोर कमांडरों के बीच 16वें दौर की वार्ता 17 जुलाई 2022 को चुशुल मोल्दो बैठक स्थल पर हुई थी. दोनों पक्षों ने तब से भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ प्रासंगिक मुद्दों को हल करने के लिए नियमित संपर्क बनाए रखा था. उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप दोनों पक्ष अब गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स (पीपी-15) के क्षेत्र में पीछे हटने पर सहमत हो गए हैं. बागची ने कहा कि समझौते के अनुसार, इस क्षेत्र में पीछे हटने की प्रक्रिया आठ सितंबर को सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हुई और यह 12 सितंबर तक पूरी हो जाएगी. गौरतलब है कि पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पांच मई, 2020 को पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध शुरू हो गया था.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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