Air India Plane Crash Report: एयर इंडिया विमान दुर्घटना पर रिपोर्ट जारी, क्या होता है Run और कट ऑफ ? कैसे करता है काम
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 12 Jul 2025 4:34 PM
Air India Plane Crash Report
Air India Plane Crash Report: अहमदाबाद विमान हादसे पर रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में हादसे की जो वजह बताई गई है उसके अनुसार, एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 के दोनों इंजन में ईंधन पहुंचाने वाले स्विच बंद हो गए थे और इसके बाद पायलटों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, जिसके कुछ ही सेकंड बाद विमान अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. 15 पन्नों वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘कॉकपिट वॉयस रिकार्डिंग’ में सुना गया कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ईंधन क्यों बंद किया, तो जवाब मिला कि उसने ऐसा नहीं किया. रिपोर्ट में दो टर्म यूज किए गए थे, रन और कट ऑफ. तो आइये जानें दोनों का क्या मतलब होता है.
Air India Plane Crash Report: अहमदाबाद में 12 जून को एयर इंडिया की प्लाइट दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. अब हादसे को लेकर विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) ने ठीक एक महीने बाद यानी 12 जुलाई को अपनी जांच रिपोर्ट पेश की है. जिसमें बोइंग 787-8 का ‘ईंधन स्विच’ बंद होने को लेकर दो पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति का उल्लेख किया गया है.
क्या होता है ईंधन स्विच
ईंधन स्विच विमान के इंजनों में ईंधन के प्रवाह को कंट्रोल करते हैं. स्विच की दो स्थिति होती है, एक ‘रन’ और दूसरा ‘कट ऑफ’. जिसका इस्तेमाल इंजन को बंद करने और चालू करने के लिए किया जाता है. पीटीआई के अनुसार, एक अनुभवी पायलट ने बताया कि ईंधन स्विच की स्थिति को गलती से नहीं बदला जा सकता, बल्कि इसकी एक प्रक्रिया होती है.
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ईंधन स्विच में लगे होते हैं ब्रैकेट
आमतौर पर ‘ब्रैकेट’ लगे होने के कारण ईंधन स्विच सुरक्षित होते हैं. ये ब्रैकेट इसलिए लगे होते हैं कि स्विच की अवस्था में अचानक कोई बदलाव न हो. पायलट ने बताया कि स्विच की अवस्था बदलने से पहले उन्हें ऊपर खींचना पड़ता है. बोइंग 787 ड्रीमलाइनर में ईंधन स्विच थ्रस्ट लीवर के नीचे स्थित होते हैं. दुर्घटनाग्रस्त एआई 171 उड़ान के मामले में, विमान के दो इंजनों के ईंधन स्विच एक सेकंड के अंतराल में बंद हो गए थे और फिर वे चालू हो गए थे.
क्या है थ्रस्ट लीवर ?
पायलट ने पीटीआई से बातचीत में बताया, “थ्रस्ट लीवर कार के एक्सीलेटर पैडल की तरह होता है जिस पर पावर का बढ़ना और घटना निर्भर करता है. इसमें दो चरम अवस्थाएं होती हैं – एक आइडल पावर और एक फुल पावर. इसके अलावा ईंधन नियंत्रण स्विच होता है, जिसमें दो अवस्थाएं होती हैं – कट ऑफ और रन. इसलिए जब आप इंजन बंद करते हैं तो ईंधन नियंत्रण स्विच कट ऑफ मोड में होता है.”
दो चरणों में स्टार्ट होता है विमान का इंजन
इंजन चालू करने के लिए दो चरण होते हैं. पहले चरण में ‘स्टार्ट सिलेक्टर’ को चालू किया जाता है और फिर ईंधन नियंत्रण स्विच को रन मोड में रखा जाता है. इसके बाद अंदर स्वचालित रूप से बहुत सारी चीजें होने लगती हैं. इंजन चलना शुरू हो जाता है, इसका मतलब है कि इंजन में ईंधन जा रहा है. थ्रस्ट लीवर निष्क्रिय अवस्था में होता है जबकि इंजन निष्क्रिय अवस्था में चलना शुरू कर देता है. ईंधन नियंत्रण को कट ऑफ से रन तक ले जाने में एक इलेक्ट्रॉनिक गेट होता है, जिसके कारण आपको जानबूझकर स्विच को खींचकर इसे रन मोड या फिर इसी तरह खींचकर कट ऑफ पर रखना होता है. यह एक सुरक्षा संबंधी विशेषता होती है.
विमान के टायर में होता है एयर ग्राउंड सेंसर, क्या है इसका काम?
पायलट ने बताया, “सामान्यतः जिस समय विमान जमीन से ऊपर उठता है, टायर में एक एअर ग्राउंड सेंसर होता है जो विमान प्रणाली को सूचित करता है कि वह हवा में है या जमीन पर.” “जब यह हवा में जाता है और हम अपने उपकरण पर देखते हैं कि विमान सही तरह से ऊपर जा रहा है तो उड़ान भरने वाले पायलट को गियर अप करने के लिए कहा जाता है.” उन्होंने कहा, “दुर्घटना के समय एक पायलट ने पूछा कि आपने इसे क्यों बंद कर दिया। हो सकता है कि इसके बाद उन्होंने फिर से स्विच चालू कर दिया हो, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.”
12 जून को उड़ान भरने के तुरंत बाद एयर इंडिया विमान हो गया था क्रैश
12 जून को लंदन जाने वाला बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद एक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस दुर्घटना में विमान में सवार 242 लोगों में से एक को छोड़कर बाकी सभी की मौत हो गई थी.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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