जम्मू-कश्‍मीर हिंसा: बोलीं सोनिया गांधी, कश्‍मीर जल रहा है और पीएम यात्रा का गुनगान करने में हैं व्यस्त

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Jul 2016 12:16 PM

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जम्मू: जम्मू-कश्‍मीर में जारी हिंसा के बीच कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि यह काफी पीड़ादायक है कि पिछले दिनों से जारी हिंसा में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई है. उन्होंने कहा कि राष्‍ट्रीय सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए. आतंकवाद का सामना दृढ़ता और पूरी ताकत के साथ […]

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जम्मू: जम्मू-कश्‍मीर में जारी हिंसा के बीच कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि यह काफी पीड़ादायक है कि पिछले दिनों से जारी हिंसा में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई है. उन्होंने कहा कि राष्‍ट्रीय सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए. आतंकवाद का सामना दृढ़ता और पूरी ताकत के साथ करना होगा. लेकिन कश्‍मीर घाटी में जारी हिंसा में निर्दोष लोगों का मारा जाना पीड़ादायक है.

सोनिया गांधी ने कहा कि सूबे में जो राजनीतिक प्रक्रिया जारी है उससे राज्य को फायदा हुआ है और यह प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए.उन्‍होंने कहा कि मैं लोगों से अपील करती हूं कि घाटी में शांति बनाये रखें. यहां राजनीतिक पार्टियों को टिकाऊ और स्थायी रास्ता बनाने का मौका दें. ताकी यहां के लोगों की आकांक्षाओं को सार्थकता मिले और लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम हो सके. नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जहां एक ओर कश्‍मीर जल रहा है वहीं दूसरी ओर हमारे प्रधानमंत्री ट्विटर में अपनी यात्रा का गुनगान करने और ड्रम बजाने में व्यस्त हैं.

आपको बता दें कि कश्मीर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झडपों में मरने वालों की संख्या बढकर 23 हो गई है. शुक्रवार को एक मुठभेड में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से कर्फ्यू जैसे हालातों और अलगाववादियों की ओर से आयोजित बंद के कारण लगातार तीसरे दिन घाटी में सामान्य जनजीवन बाधित है.पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कल कुलगाम जिले में हिंसा की एक घटना में दो लोग मारे गए और इनकी पहचान फिरोज अहमद मीर (22) तथा खुर्शीद अहमद मीर (38) के रुप में हुई है.’ उन्होंने कहा कि दक्षिण कश्मीर जिले में संचार की सुविधा ‘अपर्याप्त’ होने के कारण इन युवाओं की मौत की जानकारी कल नहीं मिल सकी थी. सुरक्षाबलों के साथ झडप में वानी के मारे जाने के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो जाने पर शुक्रवार शाम से दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में मोबाइल सेवाएं निलंबित हैं. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झडपों में मारे जाने वालों की संख्या बढकर 23 हो गई है. मारे जाने वालों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल है. हिंसा के चलते 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं और घाटी में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. श्रीनगर के कुछ भागों और घाटी के विभिन्न हिस्सों में कर्फ्यू जैसी स्थितियां बनी हुई हैं. कल शाम को झडपों में श्रीनगर में एक मौत हुई थी. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने शहर के संवेदनशील इलाकों में और घाटी के अन्य स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढा दी है.

उन्होंने कहा कि जान-माल के किसी भी नुकसान को रोकने के लिए सख्ती के साथ प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. शनिवार के बाद से मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं और अलगाववादियों की ओर से आयोजित बंद के कारण सामान्य जनजीवन अब भी बाधित है. अधिकारियों ने कहा कि दुकानें, निजी दफ्तर, कारोबारी प्रतिष्ठान और पेट्रोल पंप बंद हैं जबकि सरकारी दफ्तरों और बैंकों में गिने-चुने लोग ही देखे गए. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन के साधन पूरी तरह सडकों से नदारद हैं जबकि प्रतिबंध से मुक्त कुछ स्थानों पर निजी कारें और ऑटोरिक्शा चलते हुए पाए गए.

गर्मियों की छुट्टियों के चलते घाटी के शैक्षणिक संस्थान बंद हैं. सेंट्रल कश्मीर यूनिवर्सिटी, इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और जम्मू एंड कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन ने मौजूदा हालात के कारण परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं. सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुक और मोहम्मद यासीन मलिक समेत अधिकतर अलगावादी नेताओं को या तो हिरासत में ले लिया गया है या फिर घर में ही नजरबंद कर दिया गया है.

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