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अब मात्र पांच लाख रुपये में घर उपलब्ध करायेगी सरकार

Updated at : 10 Feb 2016 5:08 PM (IST)
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अब मात्र पांच लाख रुपये में घर उपलब्ध करायेगी सरकार

नयी दिल्ली : ऐसे समय में जबकि देश की केवल एक प्रतिशत जनसंख्या ही 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले मकान खरीदने में सक्षम है, सरकार न केवल स्मार्ट शहर बनाने को प्रतिबद्ध है बल्कि पांच लाख रुपय से सस्ते मकानों की पेशकश करेगी. सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज यहां यह […]

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नयी दिल्ली : ऐसे समय में जबकि देश की केवल एक प्रतिशत जनसंख्या ही 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले मकान खरीदने में सक्षम है, सरकार न केवल स्मार्ट शहर बनाने को प्रतिबद्ध है बल्कि पांच लाख रुपय से सस्ते मकानों की पेशकश करेगी. सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज यहां यह जानकारी दी. वे उद्योग मंडल एसोचैम के ‘स्मार्ट शहर‘ शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा,‘ सस्ते मकान बहुत महत्वपूर्ण हैं. सबसे बड़ी बाधा यह है कि हमारे देश में केवल एक प्रतिशत लोग ही ऐसे हैं जो कि 10 लाख रुपये से अधिक कीमत वाला मकान खरीद सकते हैं. अगर हम पांच लाख रुपये से कम कीमत वाला मकान उपलब्ध कराते हैं तो 30 प्रतिशत जनता खरीद पाएगी. ‘ उन्होंने कहा कि स्मार्ट शहर बनाने पर अपने ध्यान के साथ साथ निर्धनतम लोगों को वहनीय कीमतों पर मकान उपलब्ध कराना भी नरेंद्र मोदी सरकार के शीर्ष एजेंडे में से एक है. इस तरह के एक उपक्रम के तहत नागपुर में एक प्रयोग किया गया है. वहां इस्पात के ढांचे पर मकान बनाया गया है जिसमें 70 प्रतिशत ‘फ्लाई एश’ का इस्तेमाल है. इसका उद्घाटन 20 फरवरी को होगा.
मंत्री ने कहा,‘ भवनों की निर्माण लागत 1000 रुपये प्रति वर्ग फुट आती है. हम 450 वर्ग फुट का मकान पांच लाख रुपये में उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे . हम उनमें सौर उर्जा प्रणाली लगा रहे हैं और ‘फ्लाई एश’ से बना बेड भी. ‘ उन्होंने कहा,‘ इस पर 1.5 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. खरीदार के लिए मकान की लागत 3.5 लाख रुपये होगी और 7 से 7.5 प्रतिशत ब्याज दर पर रिण उपलब्ध होगा.. कोई गरीब भी इसे खरीद सकता है. ‘
गडकरी ने कहा कि सरकार केवल स्मार्ट शहर ही नहीं बसाएगी बल्कि वह मौजूदा शहरों का विकास आधुनिक जरुरतों के हिसाब से करने को प्रतिबद्ध है. 12 प्रमुख बंदरगाहों में से 10 में स्मार्ट शहर होंगे.
इसके साथ ही गडकरी ने कहा कि वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढावा देने के लिए सरकार इस्तेमाल शुदा कूकिंग तेल पर आयात शुल्क वापस लेने पर विचार कर रही है. इस तेल का इस्तेमाल जैव इंर्धन बनाने में किया जाएगा जिससे प्रदूषण पर काबू पाने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही इस तरह के तेल से निकला बायो-डीजल भी पेट्रोलियम डीजल की तुलना में सात रुपये प्रति लीटर सस्ता होगा. उन्होंने कहा,‘ मैंने (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री) निर्मला सीतारमण से बातचीत की है. दुनिया भर में फ्राइंग के बाद कूकिंग आयल को आमतौर पर बेकार माना जाता है. यह तेल दुनिया भर में बडे पैमाने पर उपलब्ध है. गडकरी ने कहा,‘ हम इस तेल पर आयात शुल्कों को समाप्त करेंगे. अगर यह तेल देश में आता है तो इससे बायो डीजल बन सकता है.
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