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सोनिया गांधी कल कोर्ट में होंगी पेश, पढें क्या है नेशनल हेरॉल्ड मामला

Updated at : 18 Dec 2015 11:52 AM (IST)
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सोनिया गांधी कल कोर्ट में होंगी पेश, पढें क्या है नेशनल हेरॉल्ड मामला

नयी दिल्ली : नेशनल हेरॉल्ड मामले में कल यानी शनिवार को कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी कोर्ट में पेश होंगी. आज इस संबंध में जब पत्रकारों ने उनसे प्रश्‍न किया तो उन्होंने कहा स्वाभाविक रूप से मुझे कल कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा. हालांकि सोनिया गांधी ने जमानत पर किए गए प्रश्‍न का उत्तर नहीं […]

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नयी दिल्ली : नेशनल हेरॉल्ड मामले में कल यानी शनिवार को कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी कोर्ट में पेश होंगी. आज इस संबंध में जब पत्रकारों ने उनसे प्रश्‍न किया तो उन्होंने कहा स्वाभाविक रूप से मुझे कल कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा. हालांकि सोनिया गांधी ने जमानत पर किए गए प्रश्‍न का उत्तर नहीं दिया. इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस ने इस मामले में संशय बरकरार रखा कि क्या सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस मामले में कोर्ट में पेश होकर जमानत की मांग करेंगे.

जमानत नहीं लेंगेसोनिया गांधी और राहुल गांधी ?
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अभी दो दिन बचे हैं. वकीलों से सलाह लेकर आगे फैसला लिया जाएगा. आजाद ने यह जवाब तब दिया जब उनसे पूछा गया कि क्या सोनिया और राहुल जमानत के लिए आग्रह करेंगे.राजनीतिक पंडितों की माने तो राजनीतिक लाभ के लिए दोनों नेता जमानत नहीं लेंगे. आजाद ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को न्यायपालिका और देश के कानून पर पूरा विश्‍वास है.

आजाद ने इस खबरों को खारिज कर दिया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे नेतृत्व के प्रति एकजुटता प्रकट करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में एकत्र हो जाएं.उन्होंने कहा, ‘‘किसी से भी दिल्ली आने के लिए नहीं कहा गया है.’एक अन्य सवाल के जवाब में आजाद ने कहा कि पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों से कहा गया है कि वे शीतकालीन सत्र के संपन्न होने तक दिल्ली में रहें. यह सत्र 23 दिसंबर को संपन्न हो रहा है. कानूनी प्रक्रिया के तहत जब किसी आरोपी को सम्मन किया जाता है तो उसे अदालत के समक्ष उपस्थित होना पडता है और वह जमानत की मांग करता है जिसे अदालत मंजूर कर सकती है. अन्यथा, आरोपी को न्यायिक हिरासत में ले लिया जाता है.

क्या है नेशनल हेराल्ड मामला
द एसोसिएट्स जर्नल लिमिटेड ( टीएजेएल) नामक कंपनी नेशनल हेराल्ड नामक अखबार का प्रकाशन करती थी. टीएजेएल की 90 करोड़ की देनदारियों को 26 फरवरी, 2011 को कांग्रेस ने अपने जिम्मे ले लिया. यानी उसने एक तरह से इसे 90 करोड़ रुपये कर्ज दिये. इसके बाद पांच लाख रुपये की लागत से यंग इंडियन कंपनी बनायी गयी, जिसमें सोनिया गांधी व राहुल गांधी के 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी है. शेष 24 प्रतिशत हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के पास है. इसके बाद टीएजेएल कंपनी के 10-10 रुपये मूल्य के नौ करोड़ शेयर यंग इंडियन कंपनी को दे दिये गये.

इसी शेयर के बदले कांग्रेस को लोन चुकाना था.इस तरह नौ करोड़ शेयर के साथ टीएजेएल के 99 प्रतिशत शेयर यंग इंडियन को मिल गये. बाद में कांग्रेस ने 90 करोड़ लोन भी माफ कर दिया. इस मामले के याचिककर्ता सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग पर नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग की कीमत ही 1600 करोड़ रुपये के आसपास है. उनका कहना है कि इस भवन पर कब्जे के लिए यह हेरफेर की गयी है. ध्यान रहे कि 1938 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कांग्रेस के पैसे से टीएजेएल कंपनी बनायी बनायी थी, जो नेशनल हेराल्ड व नवजीवन अखबार निकालती थी.

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