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जल्द से जल्द हालात सामान्य करे नेपाल: भारत

Updated at : 02 Dec 2015 8:00 PM (IST)
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जल्द से जल्द हालात सामान्य करे नेपाल: भारत

नयी दिल्ली: नेपाल में राजनीतिक गतिरोध खत्म न होने के संकेतों के बीच भारत ने आज अपने पडोसी से कहा कि वह जल्द से जल्द हालात को सामान्य करे. भारत ने जोर देकर कहा कि वह हमेशा एक शांतिपूर्ण और समृद्ध नेपाल के पक्ष में रहा है और ऐसा नेपाल भारत के भी हित में […]

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नयी दिल्ली: नेपाल में राजनीतिक गतिरोध खत्म न होने के संकेतों के बीच भारत ने आज अपने पडोसी से कहा कि वह जल्द से जल्द हालात को सामान्य करे. भारत ने जोर देकर कहा कि वह हमेशा एक शांतिपूर्ण और समृद्ध नेपाल के पक्ष में रहा है और ऐसा नेपाल भारत के भी हित में है. भारत की यात्रा पर आए नेपाल के उप-प्रधानमंत्री सह विदेश मंत्री कमल थापा से मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भारत की ओर से सामानों की आपूर्ति में किसी तरह का अडंगा लगाए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए उनसे कहा कि भारत ने नेपाल में मेडिकल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाए.

थापा ने नेपाल में विभिन्न पक्षों के बीच चल रही राजनीतिक वार्ता के बारे में सुषमा को अवगत कराया और उन्हें बताया कि उनके देश में मंत्री स्तरीय वार्ता को उन्नत कर शीर्ष नेतृत्व स्तर का कर दिया गया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने ट्वीट कर बताया कि सुषमा ने ‘‘नेपाल की राजनीतिक समस्या के लिए तत्काल राजनीतिक समाधान की जरुरत दोहराई.” सुषमा ने थापा से यह भी कहा, ‘‘भारत की तरफ से आपूर्ति में कोई बाधा नहीं डाली जा रही. लेकिन नेपाल को जल्द से जल्द हालात सामान्य करने की जरुरत है.”
मंत्री ने इस तथ्य पर भी जोर दिया कि नेपाल में मेडिकल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत ने सक्रिय कदम उठाए. थापा ने सुषमा से कहा कि नेपाली जनसंख्या के एक तबके से जुडे चार मुख्य मुद्दों पर केंद्रित चर्चा हुई है, जिनमें संसदीय क्षेत्रों का परिसीमन, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, नागरिकता और प्रांतों का सीमांकन शमिल है.आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दो महीने से भी कम समय में भारत की यात्रा पर आए थापा ने उम्मीद जताई कि मुद्दों का जल्द समाधान किया जाएगा. पदभार संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर अक्तूबर में अपनी पहली यात्रा पर आए थापा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा से मुलाकात की थी जिसके बाद भारतीय अधिकारियों ने नेपाल को जरुरी सामानों की आपूर्ति लेकर जा रहे वाहनों को ऐसे वैकल्पिक रास्तों से भेजने पर सहमति जताई थी जो उपद्रव की चपेट में तुलनात्मक रूप से कम हैं.
सितंबर में नेपाल में संविधान लागू होने के बाद से भारतीय मूल की मधेसी आबादी प्रदर्शन कर रही है क्योंकि उनका मानना है कि देश का नया संविधान उनसे भेदभाव करता है और उन्हें अन्य नेपालियों जैसे अधिकार नहीं देता. प्रदर्शन के कारण पेट्रोल सहित अन्य जरुरी सामानों की आपूर्ति में बाधा पैदा हो गई है और नेपाल में संकट कायम हो गया है. नेपाल का भारत पर आरोप है कि वह ‘‘आर्थिक नाकेबंदी” कर रहा है. भारत ने इस आरोप को खारिज किया है और नेपाल से ऐसे कदम उठाने के लिए कहता रहा है जिससे सुनिश्चित किया जा सके कि संविधान को व्यापक रुप से समाज का सभी वर्ग स्वीकार करे. सुषमा ने कहा कि भारत लगातार नेपाल सरकार को सलाह देता रहा है कि वहां कायम समस्या राजनीतिक प्रकृति की है, जिसे बलपूर्वक नहीं सुलझाया जा सकता. मंत्री ने लोकसभा में कहा कि भारत सभी राजनीतिक पार्टियों को सलाह और प्रोत्साहन देता रहेगा जिससे वे टकराव के मौजूदा हालात को प्रभावी एवं विश्वसनीय तौर पर खत्म कर सकें.
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