ePaper

बजट को अब गोपनीय दस्तावेज नहीं माना जाना चाहिये : सिन्हा

Updated at : 03 Mar 2015 9:07 PM (IST)
विज्ञापन
बजट को अब गोपनीय दस्तावेज नहीं माना जाना चाहिये : सिन्हा

कोलकाता: पूर्व वित्त मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा है कि केंद्रीय बजट को अब आगे से गोपनीय दस्तावेज के तौर पर नहीं माना जाना चाहिये. सिन्हा ने आज यहां एमसीसीआई के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हम लोकतंत्र में अब एक परिपक्व स्तर पर हैं और मेरी राय में बजटीय दस्तावेज […]

विज्ञापन

कोलकाता: पूर्व वित्त मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा है कि केंद्रीय बजट को अब आगे से गोपनीय दस्तावेज के तौर पर नहीं माना जाना चाहिये.

सिन्हा ने आज यहां एमसीसीआई के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘हम लोकतंत्र में अब एक परिपक्व स्तर पर हैं और मेरी राय में बजटीय दस्तावेज में कुछ भी गोपनीय नहीं रह गया है. यह परंपरा बरसों से चली आ रही है.’’ सिन्हा ने कहा कि जब वह वित्त मंत्री थे उन्होंने उस समय शाम को बजट भाषण पढने की परंपरा को तोडा था. अब इस परंपरा को तोडे जाने की जरुरत है.
उन्होंने कहा कि एक बार यदि प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू हो जाता है तो पूरा बजट भाषण अप्रासंगिक हो जाएगा.सिन्हा ने कहा कि अब होना यह चाहिये कि वित्त मंत्री को बजट में कुछ प्रस्ताव करने चाहिए जिन पर संसद में विचार विमर्श हो और उसके बाद के सत्र में इन्हें अंतिम रुप दिया जाना चाहिए.
सिन्हा के पुत्र जयंत सिन्हा वित्त राज्यमंत्री हैं.
सिन्हा ने बजट में राजकोषीय मजबूती की रुपरेखा पर कुछ निराशा जताई. उन्हांेने कहा कि वित्त मंत्री अरण जेटली ने कहा है कि राजकोषीय घाटे को तीन साल में तीन प्रतिशत पर लाया जाएगा. ‘‘यह चिंता की बात है. राजस्व घाटे को पूरी तरह समाप्त करने की बात नहीं हो रही.’’
उन्होंने कहा, ‘‘वित्त मंत्री के रुप में मैंने 2003 में राजकोषीय मजबूती के लिये राजकोषीय जवाबदेही और बजट प्रबंघन (एफआरबीएम) कानून पेश किया था. इस कानून को आज यदि रद्दी की टोकरी में डालना है तो ऐसा कर देना चाहिये.’’सिन्हा ने कहा कि कुल मिलाकर बजट अच्छा और व्यापक है इसमें वृद्धि की अच्छी संभावनायें हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola