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वित्तमंत्री के रूप में मोरारजी देसाई का कार्यकाल सबसे लंबा, कई वित्तमंत्री बने पीएम-प्रेसिडेंट

Updated at : 28 Feb 2015 4:15 PM (IST)
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वित्तमंत्री के रूप में मोरारजी देसाई का कार्यकाल सबसे लंबा, कई वित्तमंत्री बने पीएम-प्रेसिडेंट

नयी दिल्ली :आज वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने देश का आम बजट पेश किया. अच्‍छे दिन का बजट वाकई अच्‍छा है या नहीं यह तो वक्‍त बताएगा लेकिन बजट के बाद देश में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.अरुण जेटली के वित्‍त मंत्रालय का पदभार संभालने से पहले देश में कई ऐसे वित्‍त मंत्री हुए […]

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नयी दिल्ली :आज वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने देश का आम बजट पेश किया. अच्‍छे दिन का बजट वाकई अच्‍छा है या नहीं यह तो वक्‍त बताएगा लेकिन बजट के बाद देश में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.अरुण जेटली के वित्‍त मंत्रालय का पदभार संभालने से पहले देश में कई ऐसे वित्‍त मंत्री हुए जिन्‍होंने वित्‍त मंत्रालय के बाद प्रधानमंत्री और राष्‍ट्रपति पद का पद संभाला. मोरारजी देसाई ने सर्वाधिक सात बार देश के लिए बजट पेश किया है. आइए जानते हैं देश के कुछ ऐसे ही वित्त मंत्रियों के बारे में :
अंतरिम सरकार में देश के पहले वित्‍त मंत्री लियाकत अलीखान बने. उन्‍होंने 29 अक्‍टूबर 1946 से 14 अगस्‍त 1947 तक मंत्रालय का कार्यभार संभाला था. उसके बाद स्‍वतंत्र भारत के पहले वित्‍त मंत्री आरके शनमुखम चेट्टी बने.
पंडित जवाहर लालनेहरू:देश के पहले प्रधानमंत्री रहते हुए पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1958 में छह महीने के लिए वित्‍त मंत्रालय का कार्यभार संभाला था.पंडित जवाहर लालनेहरू15 अगस्‍त 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री बने.
मोरारजीदेसाई:पंडित नेहरू की ही सरकार में मोरारजी देसाई पहली बार 1958 में देश के वित्‍त मंत्री बने. पांच साल वित्‍त मंत्रालय अपने हाथों में रखने के बाद 1967 में एक बार फिर इंदिरा गांधी की सरकार में मोरारजी देसाई दो सालों के लिए वित्‍त मंत्री बने. मोरारजी देशाई 1979 में देश के पांचवें प्रधानमंत्री बने.
इंदिरा गांधी: मोरारजी देशाई के बाद प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए इंदिरा गांधी ने 1970-71में एक साल तक वित्‍त मंत्रालय का भी कामकाज देखा. इंदिरा गांधी 1980 में देश की तीसरी प्रधानमंत्री बनीं.
चरण सिंह:जनता पार्टी से चरण सिंह मोरारजीदेसाईकी सरकार में 1979 में छह महीने के लिए वित्त मंत्री बने. 1980 में चरण सिंह देश के छठे प्रधानमंत्री बने.
प्रणब मुखर्जी:इंदिरा गांधी की सरकार में सबसे पहले 1982 में प्रणब मुखर्जी देश के वित्‍तमंत्री बने. इसके बाद यूपीए सरकार में मनमोहन सिंह के नेतृत्‍व में एक बार फिर से डॉ प्रणब मुखर्जी ने 2009 से 2012 तक वित्‍त मंत्रालय का कार्यभार संभाला था. डॉ प्रणब मुखर्जी जुलाई 2012 को देश के 13वें राष्‍ट्रपति बने.
वीपी सिंह: राजीव गांधी की सरकार में वीपी सिंह 1984 से 1987 तक देश के वित्‍त मंत्री रहे. वर्ष 1989 में वीपी सिंह देश के आठवें प्रधानमंत्री के रूप में चुने गए.
राजीव गांधी:बतौर प्रधानमंत्री रहते हुए राजीव गांधी ने वर्ष 1987 में महज छह महीने के लिए वित्‍त मंत्रालय की जिम्‍मेवारी उठायी. राजीव गांधी ने1984 से लेकर 1987 तक देश के सातवें प्रधानमंत्री के रूप में जनता की सेवा की.
मनमोहन सिंह:कांग्रेस सरकार में पीवी नरसिंहा राव के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान मनमोहन सिंह सबसे पहले 1991 से 1996 तक देशके वित्‍त मंत्री रहे. इसके बाद पुन: स्‍वयं प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए 2008 और 2012 में मनमोहन सिंह फिर से वित्‍त मंत्री बने. मनमोहन सिंह 2004 में देश के 14वें प्रधानमंत्री बने.
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