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मंत्रिमंडल के पहले विस्तार के बाद चौतरफा घिर रही है मोदी सरकार

Updated at : 10 Nov 2014 3:49 PM (IST)
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मंत्रिमंडल के पहले विस्तार के बाद चौतरफा घिर रही है मोदी सरकार

नयी दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी पर अब विपक्ष और प्रमुख पार्टियों के हमले तेज होने लगे है. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने मोदी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार पर जमकर निशाना साधा. कांग्रेस जहां कई नेताओं को दागी बता कर मंत्री बनाने का विरोध कर रही है तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी स्वास्थ्य मंत्रालय […]

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नयी दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी पर अब विपक्ष और प्रमुख पार्टियों के हमले तेज होने लगे है. कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने मोदी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार पर जमकर निशाना साधा. कांग्रेस जहां कई नेताओं को दागी बता कर मंत्री बनाने का विरोध कर रही है तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी स्वास्थ्य मंत्रालय को लेकर निशाना साध रही है. आम आदमी पार्टी ने जेपी नड्डा के स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने पर पहली कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि “जिन लोगों ने ईमानदार अफसर को प्रताड़ित किया औऱ भ्रष्ट लोगों को बचाया उन्हें पुरस्कार मिल रहा है".

प्रधानमंत्री ने डॉ हर्षवर्धन से चतुर्वेदी को हटाए जाने पर रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें ये बात छुपाई गई कि एम्स के सीवीओ को नड्डा की सिफारिश पर ही हटाया गया है. अब "आप" ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को घेरने की भी तैयारी शुरू कर दी है. आप ने कहा, यह हैरान करने वाली बात है कि “जेपी नड्डा के खिलाफ लिखित सुबूत होने के बाद भी (उन्होंने सीवीओ को हटवाया) उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया और स्वास्थ्य मंत्रालय में बिठाया गया है.” इस तरह के कदम से सरकार क्या संदेश देना चाहती है! यह साफ है इस नियुक्ति से एम्स के कई डॉक्टर भी खुश नहीं हैं.
संजीव चतुर्वेदी को एम्स के सीवीओ के पद पर वापस बहाल करने के लिए इन्होंने प्रधानमंत्री को चिट्ठी भी लिखी है. कुल मिलाकर एम्स में भ्रष्टाचार का मुद्दा एक बार फिर जेपी नड्डा को स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने से खड़ा हो गया है. कई पार्टियां इसका विरोध कर रही है. कांग्रेस ने भी पहले मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विरोध के स्वर तेज कर दिये हैं. कांग्रेस के मीडिया प्रभारी अजय माकन ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वीइएस चौधरी पर निशाना साधा. माकन ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में काफी फर्क है.
मोदी स्वच्छ छवि वाले लोगों को आगे लाने की बात कहते हैं. लेकिन वाईएस चौधरी जिन्हें मंत्री बनाया गया है, उन पर बैंक में कई देनदारियां बाकी होने के बावजूद उन्हें विज्ञान एवं प्रद्योगिकी मंत्री बनाया गया हैं. ऐसे व्यक्ति को मंत्री का पद नहीं दिया जाना चाहिए. गौरतलब है कि सहयोगी पार्टी टीडीपी से भाजपा ने वाइएस चौधरी को मंत्री बनाया है. कांग्रेस ने कहा, प्रधानमंत्री रमाशंकर कथेरिया और गिरिराज सिंह जैसे नेताओं को मंत्री बनाकर मोदी आखिर देश को क्या संदेश देना चाहते हैं.
पार्टी ने कथेरिया पर सबसे अधिक केस दर्ज होने तो गिरिराज सिंह पर आपत्तिजनक भाषण देने और घर से करोड़ों रुपये बरामद होने का आरोप लगाया. कुल मिलाकर मोदी सरकार पर पहले मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद हमले तेज हो गये हैं. कांग्रेस ने कहा कि मोदी ने कहा था कम मंत्री मिलकर सरकार चला सकते हैं लेकिन अब उन्हें मंत्रियों के काम का बोझ समझ आ रहा है. सरकार कई ऐसे वादे कर चुकी हैं जिसे पूरा करने से अब पीछे हट रही है. इस तरह के लोगों को मंत्री बनाकर भारतीय जनता पार्टी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है.
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