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कोरोना से भारतीय बाजार को खतरा, कंपनियों के पास दो हफ्ते का माल, शटडाउन की आशंका

Updated at : 07 Feb 2020 7:12 AM (IST)
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कोरोना से भारतीय बाजार को खतरा, कंपनियों के पास दो हफ्ते का माल, शटडाउन की आशंका

दुनिया को बचाने के लिए चीनी सरकार ने वुहान को किया सील, सेना छोड़ सबकी पहुंच से दूर कोरोना वायरस दुनिया के 22 देशों में अपने पैर पसार चुका है. चीन जहां हर दिन बढ़ रही मौतों की संख्या से परेशान है. वहीं, भारतीय उद्योग जगत पर शटडाउन का खतरा मंडरा रहा है. विशेषकर कंज्यूमर […]

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दुनिया को बचाने के लिए चीनी सरकार ने वुहान को किया सील, सेना छोड़ सबकी पहुंच से दूर
कोरोना वायरस दुनिया के 22 देशों में अपने पैर पसार चुका है. चीन जहां हर दिन बढ़ रही मौतों की संख्या से परेशान है. वहीं, भारतीय उद्योग जगत पर शटडाउन का खतरा मंडरा रहा है. विशेषकर कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और फार्मास्यूटिकल्स जैसी कंपनियां, जो चीनी आयात पर निर्भर हैं. कई कंपनियों के पास दो हफ्ते का ही माल बचा है.
इसके खत्म होने के बाद कंपनियों के पास ऑर्डर पूरा करने के लिए कच्चे माल की कमी हो जायेगी. उद्योग जगत से जुड़े लोगों का कहना है व्यापारियों का कहना है जब तक चीन से आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होती है, तब तक कारोबार करना बहुत मुश्किल हो जायेगा. उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ हफ्तों में ही इस असर दिखना शुरू हो जायेगा. सामानों की कमी के कारण जल्दी ही बाजार में सभी चीजों के दाम बढ़ने शुरू हो जायेंगे.
ट्रांसपोर्ट से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तक पर असर
चीन के जिस वुहान प्रांत से कोरोना वायरस फैला है. उसे चीन का ट्रांसपोर्ट हब माना जाता है. चीन पूरी दुनिया के लिए मैन्युफैक्चरिंग हब है. ट्रांसपोर्ट पर रोक का असर इस इंडस्ट्री पर भी पड़ेगा. अगर ये लंबे वक्त तक रहता है तो चीन का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर भी प्रभावित होगा. अगर चीन अपने संभावित विकास दर को हासिल करने में नाकाम रहता है तो दुनियाभर में स्लोडाउन आयेगा. भारत भी अपने गिरते विकास दर से चिंतित है. ऐसे में ग्लोबल स्लोडाउन का असर यहां भी देखने को मिल सकता है.
कोरोना से निबटने को बने इमर्जेंसी प्लान : गवर्नर
आरबीआइ गवर्नर शक्तिकांत दास ने सुझाव दिया कि अर्थव्यवस्था पर कोरोना के प्रभावों से निबटने के लिए आकस्मिक योजना तैयार रखी जानी चाहिए. चीन में कोरोना शुरू होने और दुनिया के विभिन्न देशों तक इसके फैलने का वैश्विक पर्यटन और व्यापार पर प्रभाव पड़ेगा. इसका शेयर बाजार और कच्चे तेल का बाजार भी प्रभावित होगा.
चीन से भारी मात्रा में आयात होते हैं इलेक्ट्रॉनिक्स-ऑटोमोबाइल पार्ट्स और दवाएं
इन उद्योगों को सबसे अधिक खतरा
फार्मास्युटिकल्स
इलेक्ट्रॉनिक्स
मोबाइल
ऑटो पार्ट्स
इलेक्ट्रिकल मशीनरी
ऑर्गैनिक केमिकल्स
अन्य आयात
1.19 लाख करोड़ से अधिक का तैयार माल बंदरगाह पर फंसा, नहीं हो पा रहा निर्यात
5.09 लाख करोड़ से अधिक का माल फंसा, आयात बंद, कई कंपनियों का काम रुका
असर
खत्म हो रहा कच्चा माल
खराब हो सकता है तैयार सामान, होगा बड़ा नुकसान
दवा कंपनियों ने बढ़ाये दाम, दोगुना से अधिक हुई निमुसुलाइड की कीम
एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाएं बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली सक्रिय दवा सामग्री (एपीआइ) की कीमतें आसमान छूने लगीं हैं. मोबाइल हैंडसेट और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स अगले टारगेट हो सकते हैं.
पैरासिटामोल की कीमतें 260-360 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गयीं हैं. निमुसुलाइड 1100 रुपये/किग्रा हो गया है. पहले इसका मूल्य 450 रुपया प्रति किलोग्राम था. बैक्टीरियल इंफेक्शन में इस्तेमाल होनेवाली एजीथ्रोमाइसिन और सांस के इंफेक्शन के इलाज में उपयोग होने वाली मॉन्टेलुकास्ट की बाजार में 30% तक कमी हो गयी है.
अबतक 564 की मौत, 28000 से ज्यादा संक्रमित, 1.54 लाख लोग निगरानी में
कोरोना वायरस से अबतक चीन में 564 लोगों की मौत हो चुकी है. 28000 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं. वहीं, 1.54 लाख लोग सरकार की निगरानी में हैं. चीन की सरकारी स्वास्थ्य समिति के मुताबिक, बुधवार मध्यरात्रि तक 31 प्रांतों में कोरोना वायरस के 28,018 मामलों की पुष्टि की जा चुकी है, जिसमें से 3,859 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है.
30 घंटे के नवजात को भी कोरोना सबसे कम आयु का पहला मरीज
कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित वुहान में जन्मा एक नवजात भी कोरोना की चपेट में आ गया है. जन्म के महज 30 घंटे के भीतर ही उसे कोरोना वायरस का संक्रमण हो गया. चीनी मीडिया के अनुसार इस वायरस से पीड़ित होने वाले लोगों में यह नवजात सबसे कम आयु का मरीज हो गया है. माना जा रहा है कि नवजात को गर्भ में ही कोराना हो गया था.
चीनी कंपनी का डाटा लीक, कोरोना से अब तक 24 हजार मौत, बाद में हटाया
चीन की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी टेनसेंट के एक लीक डेटा के मताबिक, चीन में अब तक 154,023 लोग प्रभावित हैं और 24,589 लोगों की मौत हो गयी है. टेनसेंट के ये आंकड़े काफी चौंकाऊ हैं. हालांकि, सोशल मीडिया पर इस डेटा के वायरल होने के बाद कंपनी को अपने आंकड़ों में फेरबदल करना पड़ा है. हालांकि कंपनी ने जो आंकड़े बदले हैं, वह चीन की सरकार के आंकड़ों से मेल नहीं खाते हैं. सोशल मीडिया पर वायरल इस डाटा को देखने के बाद चीन कम्यूनिस्ट पार्टी ने आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस की गंभीरता को सरकार छुपाने का काम कर रही है.
22 देशों में असर, 202 लोग प्रभावित
चीन से कोरोना वायरस दूसरे देशों में भी फैल चुका है. जापान में कोरोना वायरस से संक्रमित 34, थाइलैंड में 25, सिंगापुर में 24, दक्षिण कोरिया में 19, ऑस्ट्रेलिया में 14, जर्मनी में 12, अमेरिका में 11, ताइवान में 11, मलेशिया में 10, वियतनाम में 10, फ्रांस में 6, संयुक्त अरब अमीरात में 5, कनाडा में 4, भारत में 3, फिलीपीन में 3 (एक मौत सहित), रूस में 2, इटली में 2, ब्रिटेन में 2, बेल्जियम में 2, नेपाल में 1, श्रीलंका में 1 और फिनलैंड में 1 मामले सामने आये हैं.
वुहान दुनिया से अलग-थलग
वुहान के छह करोड़ लोग खतरे में, आइसीयू सुविधायुक्त 110 अस्पतालों में पैर रखने की जगह नहीं
ग्लव्स, प्रोटेक्टिव कपड़ों की कमी, लोगों को कम पानी पीने का निर्देश, ताकि टॉयलेट न जाना पड़े क्योंकि बदलने पड़ेंगे दस्ताने
मेडिकल टेस्ट सेंटर चौबीसों घंटे कर रहे काम, टेस्ट के लिए सैंपल देना हो, तो लगना पड़ता है आठ घंटे लाइन में
धीरे-धीरे लोगों में निराशा घर करने लगी है, एक शख्स ने कहा कि चीन में सिस्टम के खिलाफ लोग जल्दी बोलना नहीं चाहते
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