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जेएनयू प्रदर्शन : संसद के नजदीक तीन मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश, निकास द्वार खोले गये

Updated at : 18 Nov 2019 5:03 PM (IST)
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जेएनयू प्रदर्शन : संसद के नजदीक तीन मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश, निकास द्वार खोले गये

नयी दिल्ली :जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों के प्रदर्शन के चलते संसद के पास सोमवार को कुछ देर के लिए बंद किए गए तीन मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अब खोल दिए गए हैं. दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने ट्वीट किया, उद्योग भवन, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय के प्रवेश […]

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नयी दिल्ली :जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों के प्रदर्शन के चलते संसद के पास सोमवार को कुछ देर के लिए बंद किए गए तीन मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अब खोल दिए गए हैं.

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने ट्वीट किया, उद्योग भवन, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय के प्रवेश और निकास द्वार खुल गए हैं. इन सभी तीनों स्टेशनों पर ट्रेन रुक रही हैं. लोक कल्याण मार्ग स्टेशन के प्रवेश/निकास द्वार अभी बंद हैं और स्टेशन पर ट्रेन नहीं रुकेंगी.

जेएनयू में फीस बढ़ोतरी के फैसले को वापस लेने की मांग को लेकर संसद मार्च कर रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिये पुलिस ने बल प्रयोग किया और छात्रों को जेएनयू परिसर के पास ही आगे बढ़ने से रोक दिया. जेएनयू के छात्रों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया.

इधर छात्रों के आरोप पर दिल्ली पुलिस के पीआरओ मनदीप सिंह रंधावा ने कहा, हम छात्रों से उनकी मांगों को लकर बात करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें कानून हाथ में नहीं लेने को समझा रहे हैं. लाठीचार्ज के आरोप की हम जांच कराएंगे.

मालूम हो छात्रावास का शुल्क बढ़ाने, ड्रेस कोड तय करने और छात्रावास में आने-जाने का समय तय करने के खिलाफ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के हजारों छात्रों ने सोमवार को दिल्‍ली में जमकर विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों ने अपने हाथों में तख्तियां लेकर संसद भवन की तरफ मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें विश्वविद्यालय परिसर से आधा किलोमीटर के भीतर ही रोक दिया.

लेकिन छात्र सफदरजंग टॉम्ब के पास ही सड़क पर जम गये और विरोध प्रदर्शन करने लगे. छात्र नारेबाजी भी कर रहे थे. उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के छात्र उस मसौदा छात्रावास नियमावली के खिलाफ तीन सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं जिसमें छात्रावास का शुल्क बढ़ाने, ड्रेस कोड तय करने और छात्रावास में आने-जाने का समय तय करने की बात की गई है.

गौरतलब हो कि विश्वविद्यालय के छात्र, छात्रावास शुल्क में बढ़ोतरी के खिलाफ पिछले तीन सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं. वे अपनी मांगों की तरफ संसद का ध्यान आकृष्ट करने के लिए सड़क पर उतरे हैं. उनका कहना है कि जब तक सरकार शुल्क वृद्धि वापस नहीं ले लेती है तब तक वे प्रदर्शन करते रहेंगे.

सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने बाबा गंगनाथ मार्ग पर छात्रों को आगे बढ़ने से रोक दिया. विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से आगे बढ़ने पर 600 मीटर की दूरी पर छात्रों को रोक दिया गया और कुछ ने जब आगे बढ़ने की कोशिश की तो उन्हें बलपूर्वक आगे बढ़ने नहीं दिया गया.

शुरुआत में विश्वविद्यालय परिसर के बाहर से अवरोधक हटाए गए थे और छात्रों को मार्च करने की इजाजत दी गई. जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा, दिल्ली पुलिस ने संसद भवन की तरफ जा रहे शांतिपूर्ण मार्च को रोक दिया. मानव संसाधन विकास मंत्रालय, समिति गठित कर छात्रों को मूर्ख बना रहा है. जब तक बातचीत हो रही है तब तक के लिए समिति शुल्क वृद्धि को खत्म क्यों नही कर देती है? हम लोग शुल्क वृद्धि को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने तीन सदस्यीय एक समिति गठित की थी जो विश्वविद्यालय में सामान्य कार्यप्रणाली बहाल करने के तरीकों की सिफारिश करेगी.

* जेएनयू के छात्रों के प्रदर्शन से यातायात प्रभावित

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों के संसद की ओर मार्च के कारण राजधानी के कुछ हिस्से में यातायात प्रभावित हुआ. पुलिस ने सोमवार को इस बारे में बताया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नेल्सन मंडेला मार्ग, अरबिंदो मार्ग और बाबा गंगनाथ मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही बहुत धीमी हो गयी है.

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