राजनीति में किसी क्रिकेटर ने खेली लंबी पारी, तो कोई हो गया जीरो पर आउट, जानें

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Apr 2019 6:02 AM

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अनुज कुमार सिन्हा रांची : क्रिकेट खिलाड़ियाें का राजनीति मेें आना काेई नयी बात नहीं है. देश-दुनिया में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जाे क्रिकेट में नाम कमाने के बाद राजनीति में गये और विधायक-सांसद के साथ-साथ मंत्री-प्रधानमंत्री (विदेश में) तक बने. कई क्रिकेटरों ने राजनीति में लंबी पारी खेली, तो कई जीरो पर आउट हो […]

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अनुज कुमार सिन्हा
रांची : क्रिकेट खिलाड़ियाें का राजनीति मेें आना काेई नयी बात नहीं है. देश-दुनिया में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जाे क्रिकेट में नाम कमाने के बाद राजनीति में गये और विधायक-सांसद के साथ-साथ मंत्री-प्रधानमंत्री (विदेश में) तक बने.
कई क्रिकेटरों ने राजनीति में लंबी पारी खेली, तो कई जीरो पर आउट हो गये. अभी हाल ही में पूर्व खिलाड़ी गाैतम गंभीर भाजपा में शामिल हुए हैं. एक अन्य मशहूर क्रिकेटर कीर्ति आजाद भाजपा छाेड़ कर कांग्रेस में आ गये और झारखंड की धनबाद लाेकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. कीर्ति राजनीति में नये नहीं हैं. वे बिहार की दरभंगा सीट से कई बार सांसद रह चुके हैं.
ये क्रिकेट और राजनीति दोनों में सफल रहे
एक और बड़े चेहरे हैं पूर्व टेस्ट कप्तान अजहरूद्दीन. 99 टेस्ट खेलने वाले अजहर 2009 के चुनाव में मुरादाबाद से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और सांसद बने. 2014 का चुनाव उन्हाेंने टांक स्वाई माधाेपुर से लड़ा, लेकिन हार गये.
जाे नाम सबसे ज्यादा चर्चित रहा है, वह है नवजाेत सिंह सिद्धू का. 1987 के वर्ल्ड कप में जाेरदार पारी खेली थी. भाजपा के टिकट पर 2004 में अमृतसर से चुनाव जीता. 2014 तक सांसद रहे. 2017 में भाजपा से इस्तीफा दिया और कांग्रेस में शामिल हाे गये. विधायक बने और फिर पंजाब में मंत्री. क्रिकेट और राजनीति दाेनाें में सफल रहे. इसी तरह कीर्ति आजाद भी चर्चित रहे.
कीर्ति के पिता भागवत झा आजाद बिहार के मुख्यमंत्री थे. कांग्रेस से संबंध था. लेकिन कीर्ति भाजपा में शामिल हुए और 1999 में राजद नेता माे अली अशरफ फातमी काे दरभंगा से हरा कर सांसद बने. उसके पहले दिल्ली के गाेल मार्केट से वे विधायक थे. हाल के दिनों में वे कांग्रेस में शामिल हाे गये और अब धनबाद से चुनाव लड़ रहे हैं. सिद्धू और कीर्ति आजाद से भी सीनियर खिलाड़ी रहे हैं चेतन चौहान.
राजनीति में भी पहले आये. सुनील गावस्कर के साथ शानदार ओपनिंग जाेड़ी बनायी. सफल खिलाड़ी, लेकिन कभी शतक नहीं बना सके. क्रिकेट छाेड़ने के बाद भाजपा में शामिल हुए और उत्तर प्रदेश की अमराेहा लाेक सभा सीट से 1991 और 1998 में सांसद चुने गये.1996, 1999 और 2004 का चुनाव जीत नहीं सके, बाद में वे यूपी में मंत्री बनाये गये.
सबसे पहले सांसद बने भारतीय पूर्व कप्तान विजी
क्रिकेट खिलाड़ियाें के राजनीति में आने का इतिहास देखें, ताे भारतीय कप्तान विजी, मंसूर अली खां पटाैदी और अजहरूद्दीन भी इसी श्रेणी में आते हैं. विजी पहले क्रिकेटर थे, जो सांसद बने. मशहूर ओपनिंग बल्लेबाज चेतन चाैहान, नवजाेत सिंह सिद्धू और कीर्ति आजाद भी सांसद रहे. विनाेद कांबली और पूर्व टेस्ट खिलाड़ी श्रीसंत ने भी चुनाव लड़ा.
आजादी से पहले से ही रहा है राजनीति से नाता
भारत में आजादी के पहले देखें ताे सबसे पहले क्रिकेट खिलाड़ी पालवंकर बालू ने 1933-34 में मुंबई नगर पालिक का चुनाव लड़ा था. वे दलित नेता भी थे.
चुनाव हार गये थे. इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें आंबेडकर के खिलाफ चुनाव में उतारा, लेकिन वे फिर हार गये. आजादी के बाद विजियानगरम के महाराजकुमार विजय आनंद गजपति राजू (उर्फ विजी) ने विशाखापट्टनम से 1960 और1962 का लाेकसभा चुनाव लड़ा और सांसद बने. टीम इंडिया के एक और कप्तान मंसूर अली खां पटाैदी थे.
वे सफल कप्तान तो बने, लेकिन राजनीति में पूरी तरह असफल रहे. 1971 में उन्हाेंने गुड़गांव से विकास हरियाणा पार्टी से चुनाव लड़ा और हार गये. फिर कांग्रेस ने उन्हें 1991 में भाेपाल लाेकसभा सीट से उतारा, लेकिन भाजपा के सुशील चंद्र वर्मा ने उन्हें हरा दिया. इस तरह पटाैदी सांसद नहीं बन सके.
कैफ और विनोद कांबली नहीं चल सके राजनीति में
एक अन्य टेस्ट खिलाड़ी माेहम्मद कैफ ने भी कांग्रेस के टिकट पर यूपी के फूलपुर से 2014 में भाग्य आजमाया. यह वह सीट है जिससे कभी जवाहर लाल नेहरू चुनाव लड़ा करते थे. कैफ हार गये. कैफ बेहतरीन फील्डर थे और पहली बार तब चर्चा में आये थे जब नेटवेस्ट ट्रॉफी में इंग्लैंड के खिलाफ 326 के लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच जीता था.
इधर, सचिन के दाेस्त और दाे लगातार दाेहरा शतक जमानेवाले विनाेद कांबली ने भी राजनीति में कदम रखा था. वे लाेक भारती पार्टी में शामिल हाे गये और 2009 का विधानसभा चुनाव बिखराेली (मुंबई) से लड़ा.
वे चुनाव हार गये थे. इसी तरह क्रिकेट में ऑलराउंडर मनाेज प्रभाकर ने भी इंदिरा कांग्रेस (तिवारी) के टिकट पर साउथ दिल्ली से 1996 में लाेकसभा का चुनाव लड़ा. भाजपा की सुषमा स्वराज से वे चुनाव हार गये. कभी टीम इंडिया के तेज गेंदबाज रहे श्रीसंत पर आइपीएल फिक्सिंग के कारण बैन लग गया था. श्रीसंत ने भाजपा के टिकट पर केरल के तिरूअनंतपुरम से विधान सभा चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस के वीएस शिव कुमार से हार गये.
इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया व पाक में तो पीएम बने क्रिकेटर
विदेश की बात करें ताे सनत जयसूर्या और वर्ल्ड कप चैंपियन टीम के कप्तान अर्जुन रणतुंगे राजनीति में काफी आगे तक गये. इंग्लैंड के पूर्व प्रधानमंत्री जॉन मेजर, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री बाब हॉक और पाकिस्तान के वर्तमान प्रधानमंत्री इमरान खान क्रिकेट खिलाड़ी रह चुके हैं.
इस प्रकार क्रिकेट खेल कर राजनीति में उतरनेवाले खिलाड़ियाें की कमी नहीं रही है. सचिन तेंडुलकर ने कभी चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन उन्हें राज्य सभा का सदस्य मनाेनीत किया गया था. 2019 के चुनाव में इस बात की संभावना है कि भाजपा में शामिल गाैतम गंभीर चुनाव के दाैरान महत्वपूर्ण भूमिका अदा करें.
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