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ME Too : एमजे अकबर ने कहा - मेरे खिलाफ लगाये गये आरोप झूठे और मनगढ़ंत, कानूनी कार्रवाई करेंगे

Updated at : 14 Oct 2018 11:06 AM (IST)
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ME Too : एमजे अकबर ने कहा - मेरे खिलाफ लगाये गये आरोप झूठे और मनगढ़ंत, कानूनी कार्रवाई करेंगे

नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने कई महिलाओं द्वारा उनके खिलाफ लगाये गये यौन उत्पीड़न के आरोपों को रविवार को खारिज कर दिया और साथ ही इस तरह के आरोप लगानेवाली महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी. उन्होंने साथ ही कहा कि यह एक एजेंडे का हिस्सा है क्योंकि ये […]

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नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने कई महिलाओं द्वारा उनके खिलाफ लगाये गये यौन उत्पीड़न के आरोपों को रविवार को खारिज कर दिया और साथ ही इस तरह के आरोप लगानेवाली महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी.

उन्होंने साथ ही कहा कि यह एक एजेंडे का हिस्सा है क्योंकि ये आरोप आम चुनाव से कुछ महीने पहले लगाये गये हैं. अफ्रीका की यात्रा से लौटने के कुछ ही घंटों बाद विदेश राज्य मंत्री ने एक बयान जारी किया और इन आरोपों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि बिना किसी सबूत के लगाये गये ये आरोप कुछ वर्गों के बीच एक वायरल फीवर बन गया है. उन्होंने कहा, मेरे खिलाफ लगाये गये दुर्व्यवहार के आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं. इन झूठे और बेबुनियाद आरोपों से मेरी छवि को अपूर्णीय क्षति पहुंची है. मैं इन आरोपों पर जल्द जवाब नहीं दे सका क्योंकि मैं विदेश की आधिकारिक यात्रा पर था. भाजपा के राज्यसभा सांसद ने कहा, जो भी मामला हो, अब मैं लौट आया हूं, मेरे वकील इन मनगढ़ंत और आधारहीन आरोपों पर गौर करेंगे और कानूनी कार्रवाई के बारे में फैसला लेंगे.

आरोपों के समय पर सवाल उठाते हुए अकबर ने कहा कि 2019 में होनेवाले आम चुनावों से कुछ महीने पहले ‘मी टू’ तूफान क्यों उठा है. उन्होंने कहा, आम चुनाव से पहले यह तूफान क्यों उठा है? क्या कोई एजेंडा है? आप ही फैसला करें. पिछले कुछ दिनों से कई महिलाओं ने अकबर पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये हैं. प्रिया रमानी, गजाला वहाब, शुमा राहा, अंजु भारती और शुतपा पाल उन महिलाओं में शामिल हैं जिन्होंने अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये हैं. अकबर ने इन महिलाओं के दावों का बिंदुवार ढंग से खंडन किया है. उन्होंने कहा, यह याद रखना उपयुक्त है कि इन कथित घटनाओं के बाद भी रमानी और वहाब मेरे साथ काम करती रही. इससे स्पष्ट रूप से स्थापित होता है कि उन्हें कोई आशंका और असुविधा नहीं थी. दशकों से वे चुप रही है और कारण स्पष्ट है कि जैसे कि रमानी ने खुद कहा है, उन्होंने (अकबर ने) कुछ भी नहीं किया.

इस सप्ताह की शुरुआत में अकबर का नाम # मी टू अभियान के तहत सोशल मीडिया पर आने के बाद कुछ राजनीतिक दलों ने उनको बर्खास्त किये जाने की मांग की थी. माकपा और शिवसेना ने अकबर के इस्तीफे की मांग की थी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि # मी टू अभियान एक बहुत बड़ा मुद्दा है. उन्होंने अकबर पर प्रत्यक्ष रूप से प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की थी.

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