ePaper

सुप्रीम कोर्ट की फटकार : सरकार नहीं चाहती नेताओं के मुकदमों की सुनवाई विशेष अदालत में हो

Updated at : 31 Aug 2018 10:22 AM (IST)
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट की फटकार : सरकार नहीं चाहती नेताओं के मुकदमों की सुनवाई विशेष अदालत में हो

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने नेताओं की संलिप्तता वाले मुकदमों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें गठित करने के बारे में केंद्र द्वारा विवरण मुहैया नहीं कराने पर नाराजगी जाहिरकी. कहा कि सरकार ‘तैयार नहीं’ लगती है. जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘सरकार अपने इस मामले में कुछ आदेश पारित […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने नेताओं की संलिप्तता वाले मुकदमों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें गठित करने के बारे में केंद्र द्वारा विवरण मुहैया नहीं कराने पर नाराजगी जाहिरकी. कहा कि सरकार ‘तैयार नहीं’ लगती है.

जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘सरकार अपने इस मामले में कुछ आदेश पारित करने केलिए बाध्य कर रही है, जो हम इस समय नहीं करना चाहते.केंद्र सरकार तैयार नहीं है. भारत सरकार लगता नहीं है कि इसके लिए तैयार है.’

पीठ ने न्यायालय के निर्देशानुसार इस मामले में सरकार द्वारा दायर अतिरिक्त हलफनामे का अवलोकन किया, जिसमें कहा गया था कि 11 राज्यों को ऐसी 121 विशेष अदालतें स्थापित करने के लिए धन उपलब्ध कराया गया है.

ऐसी प्रत्येक विशेष अदालत में लंबित मुकदमों की संख्या के संबंध में न्यायालय के सवाल परकेंद्र ने कहा कि विधि एवं न्याय मंत्रालय इन अदालतों को सौंपे गये और इनमें लंबित तथा यहां निबटाये गये मुदकमों की सूचना प्राप्त करने के लिए संबंधित प्राधिकारियों के बारे में बात कर रहा है.

12 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

पीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद इस मामले को 12 सितंबर के लिए स्थगित कर दिया.केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा है कि दिल्ली में दो और आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में एक-एक विशेष अदालत गठित की गयी है.

हलफनामे में कहा गया है, ‘तमिलनाडु के अलावा, जहां बताया गया है कि मामला मद्रास हाइकोर्ट के पास विचाराधीन है, सभी राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों ने अपने-अपने राज्यों में विशेष अदालतें गठित करने के लिए अधिसूचनाएं जारी कर दी हैं.’

इन जगहों पर और विशेष अदालतों की जरूरत नहीं

इन 12 विशेष अदालतों के अलावा भी और अदालतें गठित करने के बारे में न्यायालय के सवाल पर केंद्र ने हलफनामे में कहा है कि कर्नाटक, इलाहाबाद, मध्यप्रदेश, पटना, कलकत्ता और दिल्ली उच्च न्यायालयों ने सूचित किया है कि अतिरिक्त विशेष अदालतों की आवश्चकता नहीं है, जबकि बंबई उच्च न्यायालय ने एक और अदालत की आवश्यकता बतायी है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola