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सोशल : मक्का मसजिद का प्लान फेल, अब हिंदुओं को रेपिस्ट दिखाने का प्लान जारी

Updated at : 16 Apr 2018 3:15 PM (IST)
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सोशल : मक्का मसजिद का प्लान फेल, अब हिंदुओं को रेपिस्ट दिखाने का प्लान जारी

नयी दिल्ली : 2007 के हैदराबाद के मक्का मसजिद ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता स्वामी असीमानंद व अन्य चार को आज हैदराबाद की एनआइए अदालत ने बरी कर दिया. अदालत के इस फैसले के बाद आरएसएस व भाजपा से जुड़े लोगों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी राकेश सिन्हा व विनय […]

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नयी दिल्ली : 2007 के हैदराबाद के मक्का मसजिद ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता स्वामी असीमानंद व अन्य चार को आज हैदराबाद की एनआइए अदालत ने बरी कर दिया. अदालत के इस फैसले के बाद आरएसएस व भाजपा से जुड़े लोगों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी राकेश सिन्हा व विनय कटियार ने इसे कोर्ट का दूध का दूध और पानी का पानी करना बताया. वहीं, इस मामले में सोशल मीडिया पर भी लोग सक्रिय हैं. इस मुद्दे पर कईवरिष्ठ पत्रकारों, राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों व आम आदमी ने ट्वीट किये हैं और अपनी-अपनी राय रखी है.

वरिष्ठ टीवी पत्रकार ब्रजेश सिंह नेइस मामले में ट्विटर पर लिखा – हिंदू आतंकवाद के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट कर कांग्रेस की अगुआई वाली तत्कालीन यूपीए सरकार ने जिस स्वामी असीमानंद को जेल भेजा, वो आतंक के मामलों में फंसने से पहले गुजरात के डांग जिले में इस एक कमरे के मकान में रहते थे व आदिवासियों को ईसाई मिशनरियों के चंगुल में फंसने से रोक रहे थे.

वहीं, वरिष्ठ पत्रकार व द वायर वेबसाइट के संस्थापकों से एक एमके वेणु ने लिखा – मक्का मसजिद केस से सभी हिंदू आतंकियों को बरी कर दिया जाना सीबीआइ और एनआइए की एक और बड़ी विफलता है. बहुत से गवाह मुकर गये. क्रिटिकल डॉक्यूमेंट खो गये. जांच व प्रोसिडिंग पर विश्वसीनयता का सवाल है. उन्होंने एक और ट्वीट में कहा कि मक्का मसजिद, अजमेर व समझौता एक्सप्रेस एवं मालेगांव में कई आरोपियों के नाम साझा हैं.

पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने लिखा – 11 साल बाद मक्का मसजिद ब्लास्ट के सभी आरोपी बरी हुए, बिल्कुल आठ लोगों की जान लेने वाले व 58 को घायल करने वाले उस विस्फोट के लिए कोई जिम्मेवार नहीं है, यह है इंडिया.

वहीं, एएनआइ की एडिटर स्मिता प्रकाश ने यूपीए सरकार के समय गृह सचिव रहे आवीएस मणि के बयान के हावले से लिखा – यह एक यूनिक केस है, जिसमें आज की सरकार, एजेंसियों ने आतंक के दोषी व्यक्ति को संरक्षण दिया. कोई और देश इस तरह नहीं कर सकता है, यह यहां किया गया.

वहीं, अंकुर जैन ने लिखा – स्वामी असीमानंद और अन्य आरोपी मक्का मसजिद केस से बरी हुए. हिंदुओं को आतंकी के रूप में दिखाने का प्लान विफल हुआ, अब हिंदुओं को रेपिस्ट के रूप में दिखाने का जो मंदिरों में भी रेप करते हैं के रूप में दिखाने का प्लान अभी जारी है.

https://twitter.com/indiantweeter/status/985773025982386177?ref_src=twsrc%5Etfw

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