ePaper

आरुषि हत्याकांड : तलवार दंपती को बरी करने के हाइकोर्ट के फैसले पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट, केस रिकॉर्ड तलब

Updated at : 19 Mar 2018 10:17 PM (IST)
विज्ञापन
आरुषि हत्याकांड : तलवार दंपती को बरी करने के हाइकोर्ट के फैसले पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट, केस रिकॉर्ड तलब

नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने साल 2008 के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में दंत चिकित्सक दंपती राजेश और नूपुर तलवार को बरी करने के खिलाफ एक अपील को सोमवार को विचारार्थ स्वीकार कर लिया. यह याचिका हेमराज की पत्नी खुमकला बंजाड़े ने दायर की है. न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति आर भानुमति की पीठ ने […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने साल 2008 के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में दंत चिकित्सक दंपती राजेश और नूपुर तलवार को बरी करने के खिलाफ एक अपील को सोमवार को विचारार्थ स्वीकार कर लिया. यह याचिका हेमराज की पत्नी खुमकला बंजाड़े ने दायर की है.

न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति आर भानुमति की पीठ ने विशेष अनुमति याचिका दायर करने की अनुमति दे दी और निचली अदालत से मामले के मूल केस रिकॉर्ड तलब किये. तलवार दंपती को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले साल अक्तूबर में दोहरे हत्याकांड में बरी कर दिया था. बंजाड़े ने मामले में तलवार दंपती को बरी करने के खिलाफ पिछले साल 15 दिसंबर को अपील दायर की थी. बाद में सीबीआई ने भी मामले में उन्हें बरी करने के खिलाफ अपील दायर की थी. गत नौ फरवरी को सेवानिवृत्त विशेष सीबीआई न्यायाधीश श्याम लाल ने भी शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाकर उच्च न्यायालय के फैसले से कुछ टिप्पणियों को हटाने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले में उनकी आलोचना करनेवाली टिप्पणी ‘अपमानजनक’ और ‘गैर जरूरी’ थी. पिछले साल 12 अक्तूबर को उच्च न्यायालय ने दंपति को बरी कर दिया था. अदालत ने कहा था कि उन्हें रिकॉर्ड में साक्ष्य के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता.

इससे पहले, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में सीबीआई की अदालत ने 26 नवंबर, 2013 को तलवार दंपती को अपनी बेटी आरुषि और घरेलू सहायक हेमराज की हत्या के सिलसिले में उम्र कैद की सजा सुनायी थी. अदालत द्वारा दोषी ठहराये जाने के बाद से यह दंपती गाजियाबाद स्थित डासना जेल में बंद था. उच्च न्यायालय के फैसले के बाद उसे जेल से रिहा कर दिया गया था. तलवार दंपती की 14 वर्षीय पुत्री आरुषि मई, 2008 में नोएडा स्थित अपने घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थी. उसका गला रेता हुआ था. इसके दो दिन बाद ही घरेलू सहायक का शव भी इस दंपती के घर की छत पर मिला था. उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच को लेकर उठे सवालों के बाद इस प्रकरण को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया गया था.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola