द्राैपदी पर राम माधव की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया, महिला बुद्धिजीवी भी बंटी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Dec 2017 4:00 PM
नयी दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के महासचिव राम माधव के तीन दिन पहले दिये गये एक बयान पर अब बवाल मच गया है. राम माधव ने रविवार को पणजी में कहा था कि पांडव की पत्नी द्रौपदी देश की पहली फेमनिस्ट थीं और वे अपने पतियों की नहीं अपने मित्र कृष्ण की सुनती थीं. […]
नयी दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के महासचिव राम माधव के तीन दिन पहले दिये गये एक बयान पर अब बवाल मच गया है. राम माधव ने रविवार को पणजी में कहा था कि पांडव की पत्नी द्रौपदी देश की पहली फेमनिस्ट थीं और वे अपने पतियों की नहीं अपने मित्र कृष्ण की सुनती थीं. राम माधव के अनुसार, द्रौपदी की जिद के कारण महाभारत का युद्ध हुआ था और 18 लाख लोगों की माैत हुई थी. उनके अनुसार, द्रौपदी महाभारत के युद्ध के लिए अकेली जिम्मेवार थीं. राम माधव भाजपा में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पृष्ठभूमि से आये हैं आैर भाजपा के रणनीतिक कामकाज को देखते हैं. एेसे में उनके इस बयान को बेहद गंभीरता से लिया गया है.
राम माधव ने यह बयान गोवा में इडिंग थाउट फेस्टिवल में दिया. माधव के इस बयान पर महिला बुद्धिजीवी ही दो वर्ग में बंट गयी हैं. राम माधव ने के भाषण को प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना सोनल मानसिंह ने उत्कृष्ट भाषण बताया है. राम माधव ने खुद सोनल मानसिंह के इस ट्वीट को री ट्वीट किया है.
कृष्ण – द्रौपदी सखा-सखी ही क्यों रहे ? पढ़ें डॉ राममनोहर लोहिया का विशेष आलेख
वहीं, बीबीसी से जान-मानी लेखिका अनीता नायर ने राम माधव के बयान से असहमित जतायी है. उन्होंने कहा है कि द्रौपदी उन तमाम औरतों का प्रतिनिधित्व करती हैं जो नाइंसाफी और असमानता का शिकार हैं. द्रौपदी पर किताब लिखने वाली नायर के अनुसार, वे एक लाचार महिला थीं, जिन्हें अपनी आवाज उठाने का मौका नहीं मिला.
वहीं, मिस द्रौपदी कुरु किताब लिखने वाली त्रिशा दास ने द्रौपदी को महाभारत के लिए जिम्मेवार ठहराने को सिरे से खारिज कर दिया है. उनके अनुसार, महाभारत का युद्ध पुरुषों के अहंकार की वजह से हुआ था न कि द्रौपदी व किसी अन्य महिला की वजह से.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










