Blue Whale पर शिकंजा : सरकार ने जारी की Advisory, कहा-Parents बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Sep 2017 10:12 PM
नयी दिल्ली : ब्लू व्हेल चैलेंज गेम पर सरकार ने एक परामर्श जारी करके अभिभावकों को सलाह दी है कि अपने बच्चों की ऑनलाइन और सोशल मीडिया संबंधी गतिविधियों पर निगरानी रखें और सुनिश्चित करें कि वे इस घातक खेल को नहीं खेलें जिससे भारत और अन्य देशों में बच्चों की आत्महत्याओं के मामले सामने […]
नयी दिल्ली : ब्लू व्हेल चैलेंज गेम पर सरकार ने एक परामर्श जारी करके अभिभावकों को सलाह दी है कि अपने बच्चों की ऑनलाइन और सोशल मीडिया संबंधी गतिविधियों पर निगरानी रखें और सुनिश्चित करें कि वे इस घातक खेल को नहीं खेलें जिससे भारत और अन्य देशों में बच्चों की आत्महत्याओं के मामले सामने आये हैं. इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने ब्लू व्हेल चैलेंज गेम पर प्रतिबंध लगाने के लिए तमिलनाडु के 73 वर्षीय व्यक्ति की याचिका पर शुक्रवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा.
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि अगर बच्चे इस गेम के बारे में पहले से नहीं जानते तो अभिभावक उसके बारे में उनसे बात ही नहीं करें, क्योंकि बच्चों से इस खेल के बारे में बात करने से इस बात की आशंका बढ़ जाती है कि वे खुद इस के बारे में छानबीन शुरू कर देंगे. देशभर में पिछले कुछ दिनों में ब्लू व्हेल गेम खेलने के बाद बच्चों द्वारा खुदकुशी के कम से कम नौ मामले सामने आये हैं. ताजा मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से आया जहां 13 साल के एक बच्चे ने पिछले सप्ताह फांसी लगा ली.
गत 13 सितंबर को जारी परामर्श के अनुसार, ब्लू व्हेल गेम (सुसाइड गेम) आत्महत्या के लिए उकसानेवाला है. इंटरनेट पर अनेक रिपोर्टों में पता चला है कि सोशल मीडिया पर चुपचाप काम करनेवाले समूहों के बीच इसे शेयर किया जाता है. गेम बनानेवाले ऐसे लोगों की तलाश में रहते हैं जो अवसाद में हैं और फिर उन्हें गेम के लिए आमंत्रित किया जाता है. परामर्श में कहा गया है कि बच्चों में असामान्य एकांतवासी व्यवहार देखने पर अभिभावकों को ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए.
इसके मुताबिक, अगर बच्चों के फोन में नये फोन नंबर और ई-मेल अचानक से बढ़े हैं तो माता-पिता को सावधानी रखनी होगी. परामर्श में अभिभावकों को एक अच्छे साइबर या मोबाइल पेरेंटिंग सॉफ्टवेयर लगाने की भी सलाह दी गयी है और बच्चे के जोखिम में होने की आशंका पर पेशेवरों की मदद ली जाये.
इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने ब्लू व्हेल चैलेंज गेम पर प्रतिबंध लगाने के लिए तमिलनाडु के 73 वर्षीय व्यक्ति की याचिका पर शुक्रवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा. शीर्ष अदालत ने अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल से इस मामले में सहायता करने का भी आग्रह किया है. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड़ की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने वकील एनएस पोन्नैया की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया. केंद्र को तीन सप्ताह के भीतर नोटिस का जवाब देना है.
शीर्ष अदालत 11 सितंबर को इस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गयी थी. इस याचिका में अन्य बातों के अलावा जनता में इस ऑन लाइन खेल के बारे में जागरूकता पैदा करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है. याचिका में कहा गया है कि मीडिया के अनुसार पांच सितंबर तक यह आॅन लाइन ब्लू व्हेल गेम खेलने के बाद कम से कम दो सौ व्यक्तियों ने आत्महत्या की है. इनमें अधिकांश 13 से 15 साल की आयु के किशोरवय बच्चे हैं.
याचिका के अनुसार मदुरै सिटी पुलिस ने पुष्टि की है कि यह गेम खेलने के बाद आत्महत्या करनेवाले काॅलेज के एक छात्र ने इसे 150 से अधिक मित्रों को प्रेषित किया था. दिल्ली उच्च न्यायालय ने 22 अगस्त को ब्लू व्हेल चैलेंज गेम के लिंक हटाने का निर्देश देने के लिए दायर याचिका पर फेसबुक, गूगल और याहू से जवाब मांगा था.
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