#Ryan School Murder : स्कूल के दो अधिकारी गिरफ्तार, सीबीआइ जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, सीइओ हाइकोर्ट पहुंचे

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Sep 2017 9:25 PM

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गुरुग्राम/नयी दिल्ली : गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल के परिसर में सात साल के एक बच्चे की निर्मम हत्या के बाद स्कूल के दो शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. पीड़ित बच्चे के पिता ने मामले की जांच सीबीआइ से कराने […]

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गुरुग्राम/नयी दिल्ली : गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल के परिसर में सात साल के एक बच्चे की निर्मम हत्या के बाद स्कूल के दो शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. पीड़ित बच्चे के पिता ने मामले की जांच सीबीआइ से कराने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की. वहीं, रेयान इंटरनेशनल स्कूल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेयान पिंटो और उनके माता-पिता ने स्कूल परिसर में बच्चे की हत्या के सिलसिले में सोमवार को अग्रिम जमानत के लिए बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की. पिंटो के माता-पिता स्कूल के संस्थापक भी हैं.

इस बीच, सोहना रोड सदर पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को स्कूल परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों और रिपोर्टिंग करने आये पत्रकारों पर लाठीचार्ज को लेकर निलंबित कर दिया गया है. इस घटना के विरोध में अन्य स्थानों पर प्रदर्शन जारी रहे और रेयान स्कूल की नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा शाखाओं में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों ने छात्रों की सुरक्षा के संबंध में आश्वासन मांगा. गुरुग्राम पुलिस प्रमुख संदीप खैरवार ने कहा कि स्कूल के कानूनी मामलों के प्रमुख फ्रांसिस थॉमस और मानव संसाधन प्रमुख जेयस थॉमस को पूछताछ के बाद रविवार रात गिरफ्तार किया गया.

उन्होंने बताया कि कार्यवाहक प्रधानाचार्या नीरजा बत्रा को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है. उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट में इस स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था में चूक की ओर संकेत किया गया है. इस रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने स्कूल के दो शीर्ष अधिकारियों को किशोर न्याय कानून की धारा 75 के तहत गिरफ्तार किया. दूसरी कक्षा के छात्र का शव गत शुक्रवार को स्कूल के शौचालय में मिला था. उसकी गला रेतकर हत्या की गयी थी. इस मामले में बस परिचालक अशोक कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है. लोगों में व्यापक रोष पैदा करनेवाले इस मामले की जांच के लिए पुलिस के 14 दल गठित किये गये हैं. एक विशेष जांच टीम स्कूल के सीइओ पिंटो और निदेशक अल्बर्ट पिंटो से पूछताछ के लिए मुंबई पहुंचेगी.

पीड़ित बच्चे के पिता ने इस मामले की जांच सीबीआइ से कराने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. इस याचिका पर न्यायालय ने केंद्र और हरियाणा सरकार से जवाब मांगा. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाइ चंद्रचूड़ की पीठ ने इस तरह की घटनाओं के मामले में स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी निर्धारित करने और स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश बनाने के अनुरोध पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) से भी जवाब मांगा है. बोर्ड को तीन सप्ताह के भीतर जवाब देना है.

संक्षिप्त सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि यह याचिका सिर्फ संबंधित स्कूल तक सीमित नहीं है, क्योंकि इसका देशव्यापी प्रभाव है. बच्चे के पिता वरुण चंद्र ठाकुर ने वकील सुशील टेकरीवाल के माध्यम से दायर याचिका में कहा कि इस संबंध में शीर्ष अदालत की निगरानी में सीबीआइ से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करायी जानी चाहिए.

स्कूल के संस्थापक अध्यक्ष ऑगस्टीन पिंटो (73 साल) और उनकी पत्नी तथा स्कूल की प्रबंध निदेशक ग्रेस पिंटो (62 साल) ने अपने बेटे रेयान पिंटो के साथ बंबई उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है. उनके वकील नितिन प्रधान ने न्यायमूर्ति अजय गडकरी के समक्ष सुबह यह याचिका लगायी. इस मामले में मंगलवारको सुनवाई होगी. याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में कहा कि बच्चे की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन प्रबंधन को अपराधी नहीं ठहराया जा सकता और वे खुद दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों के पीड़ित हैं.

याचिका में कहा गया, इस मौत से न सिर्फ बच्चे के माता-पिता और परिवार को गहरा दुख हुआ है, बल्कि न्यासी, प्रबंधन, कर्मचारी और स्कूल के छात्र भी बेहद दुखी हैं. तीनों ने अपनी जमानत याचिकाओं में कहा, यह सिर्फ परिवार के लिये ही नहीं बल्कि संस्थान के लिये भी सबसे अंधकारमय क्षण हैं. पिछले चार दशक में संस्थान की स्थापना के बाद यह पहला मौका है जब इस तरह की घटना हुई है. उन्होंने कहा कि कानून और विवेक के मुताबिक छात्रों की सुरक्षा और कुशलता के लिये सभी आवश्यक कदम उठाने के बावजूद, अगर ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण हादसा होता है तो संस्थान को अपराधी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वह खुद दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों का पीड़ित है. इस बीच गुरुग्राम में इस समूह के सभी स्कूलों को सोमवार और मंगलवार तक के लिए बंद कर दिया गया है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कल स्कूल के बाहर लाठी चार्ज की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था. विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रहे कुछ मीडियाकर्मी भी इस लाठी चार्ज के दौरान घायल हो गये थे. मुख्यमंत्री ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिये थे. बच्चे की हत्या की सीबीआइ से जांच कराने की मांग करते हुए सैकड़ों अभिभावकों ने रविवारको स्कूल के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया था. पुलिस उपायुक्त और गुरुग्राम पुलिस के प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी मनीष सेहगल ने कहा कि स्कूल के बाहर रविवार की सुबह गुस्साई भीड़ और पत्रकारों पर लाठी चार्ज कराने के लिए गुरुग्राम पुलिस आयुक्त ने सदर सोहना प्रभारी को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुए मीडियाकर्मियों के इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी.

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