न्यायालय ने 24 सप्ताह के मस्तिष्क रहित भ्रूण के गर्भपात की अनुमति दी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Aug 2017 2:53 PM
नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने पुणे की एक महिला को 24 सप्ताह वाले उस गर्भ के समापन की आज अनुमति दे दी जिसमें कपाल अथवा मस्तिष्क नहीं है. शीर्ष न्यायालय ने पुणे के बीजे सरकारी मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर इस महिला को गर्भपात की अनुमति दी. रिपोर्ट में […]
नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने पुणे की एक महिला को 24 सप्ताह वाले उस गर्भ के समापन की आज अनुमति दे दी जिसमें कपाल अथवा मस्तिष्क नहीं है. शीर्ष न्यायालय ने पुणे के बीजे सरकारी मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर इस महिला को गर्भपात की अनुमति दी. रिपोर्ट में कहा गया था कि इस विसंगति का कोई इलाज नहीं है.
न्यायमूर्ति सीए बोबडो और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘ ‘हम गर्भपात की अनुमति प्रदान करने को उचित और न्याय के हित में मानते हैं. ‘ ‘ बीस वर्षीय महिला की जांच पुणे के अस्पताल में की गई थी. इसके बाद चिकित्सकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि भ्रूण में ‘ ‘कपाल और मस्तिष्क का पूरी तरह अभाव है और इसके बचने की उम्मीद बेहद कम है.
पटना की रेप पीड़िता को नहीं मिली थी गर्भपात की इजाजत, अब दस साल की पीड़िता ने मांगी अनुमति
न्यायालय ने यह आदेश महिला की ओर से गर्भपात कराने की अनुमति के लिए दायर उस याचिका पर दिया जिसमें कहा गया था कि भ्रूण में कपाल निर्मित नहीं हुआ है और अगर बच्चे का जन्म जीवित अवस्था में हो भी जाता है तो भी वह ज्यादा दिन जीवित नहीं रह सकेगा. गौरतलब है कि चिकित्सीय गर्भ समापन कानून की धारा 3(2)(बी) गर्भधारण करने के 20 सप्ताह के बाद के गर्भ को गिराने की अनुमति नहीं देती.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










