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Munger news : हत्यारोपित बीमार कैदी का नहीं हो रहा समुचित इलाज, जान पर आफत

Updated at : 02 Jan 2025 10:07 PM (IST)
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Munger news : हत्यारोपित बीमार कैदी का नहीं हो रहा समुचित इलाज, जान पर आफत

<P>मुंगेर. मुंगेर मंडल कारा में बंद हत्यारोपित बीमार कैदी मुकुल सिंह को समुचित इलाज नहीं मिल रहा है. हायर सेंटर रेफर होने के बावजूद मेडिकल बोर्ड में मामला उलझ गया

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मुंगेर. मुंगेर मंडल कारा में बंद हत्यारोपित बीमार कैदी मुकुल सिंह को समुचित इलाज नहीं मिल रहा है. हायर सेंटर रेफर होने के बावजूद मेडिकल बोर्ड में मामला उलझ गया है. जबकि तबीयत बिगड़ने पर गुरुवार को उसे फिर जेल से सदर अस्पताल लाया गया, जहां मीडिया से बात करते-करते वह भावुक हो गया. उसने कहा हमारी कोई नहीं सुन रहा है. कई प्रकार की बीमारियों से वह ग्रसित है, अगर समुचित इलाज नहीं मिला तो उसकी जान कभी भी जा सकती है. उन्होंने जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि परिजनों से बात तक नहीं कराते है. वह दोहरे हत्याकांड में पिछले एक साल से वह जेल में बंद है.

घुटने में भर गया है मवाद, ब्रेन ट्यूमर व पथरी की झेल रहा बीमारी

सदर अस्पताल पहुंचे विचाराधीन कैदी मुकुल सिंह ने एंबुलेंस पर से ही बताया कि सदर अस्पताल से उसे चार दिसंबर को एम्स भेजा गया. उसी दिन वहां से मुझे पीएमसीएच भेज दिया गया. लेकिन गार्ड मुझे लेकर मुंगेर चला आया. बाद में फिर से मुझे एम्स ले जाया गया, जहां मेरी जांच की तो उसमें पता चला कि उसका दोनों घुटना खराब हो चुका है, जिसमें मवाद भर गया है. जांच में यह भी पाया गया कि उसे ब्रेन ट्यूमर है और हार्ट भी 40 प्रतिशत ब्लॉक हो चुका है. जबकि गॉलब्लैडर में 20 एमएम का पत्थर है. नाक से ब्लड भी हमेशा आता है. इसके कारण पीएमसीएच से मुझे दिल्ली हायर सेंटर रेफर किया गया. लेकिन मुझे पटना से दिल्ली नहीं ले जाकर मुंगेर जेल लाकर छोड़ दिया. एक महीना से हम कई बीमारियों को झेल रहे हैं. लेकिन कोई सुन नहीं रहा है. लगता है कि मेरी मौत निश्चित है.

रो पड़ा कैदी, कहा परिजनों से बात तक नहीं कराता जेल प्रशासन

विचाराधीन कैदी मुकुल सिंह सदर अस्पताल में पत्रकारों के सामने ही रो पड़ा. उसने कहा कि पहले मुंगेर पुलिस ने उसे दोहरे हत्याकांड में फंसा कर जेल भेजा. अब उसकी जान से खेला जा रहा है. हमारी ऐसी स्थिति है कि हम एंबुलेंस तक से नहीं उतर पा रहे है. कोई भी नहीं है जो हमें यहां से उतार कर एमरजेंसी वार्ड तक ले जाये. परिजनों को पता होता तो परिजन आते तो उसे उठा कर ले जाकर पुलिस अभिरक्षा में इलाज तो जरूर कराते. लेकिन जेल प्रशासन परिजनों से बात ही नहीं कराता है.

कहते हैं चिकित्सक

इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सक डॉ असीम ने बताया कि बंदी घुटना, बीपी, शुगर सहित कई अन्य बीमारी से ग्रसित है. यहां तत्काल उनको चिकित्सकीय सुविधा प्रदान किया गया. लेकिन बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया.

कहती हैं जेल अधीक्षक

जेल अधीक्षक किरण निधि ने बताया कि हत्या मामले में बंद कैदी मुकुल सिंह को मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर एम्स और पीएमसीएच भेज कर इलाज कराया गया. जहां से उसे हायर सेंटर इलाज के लिए रेफर किया गया है. जिलाधिकारी के आदेश पर पुन: मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है. मेडिकल बोर्ड का फैसला आने के बाद ही उसे बाहर इलाज के लिए भेजा जा सकता है.

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