ड्यूटी रोस्टर के दौरान सरकारी चिकित्सक निजी प्रेक्टिस न करें : एसडीएम
Published by : Akarsh Aniket Updated At : 24 Sep 2025 10:33 PM
काफी विद एसडीएम कार्यक्रम में चिकित्सकों ने रखीं अपनी-अपनी समस्याएं
काफी विद एसडीएम कार्यक्रम में चिकित्सकों ने रखीं अपनी-अपनी समस्याएं प्रतिनिधि, गढ़वा सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के नियमित साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम कॉफी विद एसडीएम में बुधवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य चिकित्सकों ने भाग लिया. कार्यक्रम में चिकित्सकों ने न केवल अपनी समस्याएं रखीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के कई सार्थक सुझाव भी दिए. इस दौरान एसडीएम ने कहा कि ड्यूटी रोस्टर के दौरान कोई भी सरकारी चिकित्सक निजी प्रैक्टिस न करें. इस दौरान आईएमए के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व सिविल सर्जन डॉ. एन.के. रजक, सचिव सह वरीय हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज प्रभात, पूर्व सचिव सह सर्जन डॉ. निशांत सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. अरशद अंसारी, संयुक्त सचिव एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूर्णेंदु, वरिष्ठ प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रागिनी, एनेस्थेटिस्ट डॉ नीतू सिंह तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नाथुन साह सहित अन्य चिकित्सकों ने बारी-बारी से अपने विचार रखे. यूट्यूबर्स का बढ़ा अनाधिकृत हस्तक्षेप संवाद के दौरान चिकित्सकों ने विधि-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल के समय में कई अराजक तत्व यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर चिकित्सकों एवं अस्पतालों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहे हैं. इस पर अनुमंडल पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि ऐसी गतिविधियों पर विधिसम्मत प्रतिबंध लगाने के लिए उचित कार्रवाई की जायेगी. कुछ निजी डॉक्टर्स ने सरकारी विभागों द्वारा परेशान करने की बात भी रखी. इस पर अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों को उचित दिशा-निर्देश भेजे जाएंगे तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. अपने बोर्ड पर अपनी सही योग्यता ही प्रदर्शित करें आइएमए के सदस्यों ने जिले के चिकित्सकों से अनुरोध किया कि वे अपने बोर्ड पर केवल वही विशेषज्ञता अंकित करें, जिसमें उन्होंने औपचारिक डिग्री प्राप्त की हो. साथ ही यह भी कहा गया कि कोई भी चिकित्सक दो से अधिक स्थानों पर नियमित सेवा न दें. बिना डिग्री प्रेक्टिस करने वालों पर हो कार्रवाई बैठक में उपस्थित चिकित्सकों ने बिना वैध डिग्री के कार्य कर रहे चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा कि ऐसे फर्जी चिकित्सकों के कारण संपूर्ण चिकित्सा सेवा की छवि धूमिल हो रही है. निजी डॉक्टर सप्ताह में एक घंटे निशुल्क सेवा दें अनुमंडल पदाधिकारी ने आइएमए के सदस्यों से अनुरोध किया कि वे समाज के हित में सप्ताह या माह में कम से कम एक दिन एक घंटा निःशुल्क सेवा प्रदान करें. यह परामर्श टेलीफोन के माध्यम से अथवा निःशुल्क ओपीडी चलाकर दिया जा सकता है. इस पर आईएमए के सभी वरिष्ठ चिकित्सकों ने सहर्ष सहमति व्यक्त की. आइएमए भवन या भूमि उपलब्धता की मांग बैठक में आइएमए भवन के लिए भूमि-आवंटन का विषय भी प्रमुखता से रखा गया. चिकित्सकों ने कहा कि सभी जिलों में आईएमए के लिए भवन व भूमि उपलब्ध करायी जाती है, पर गढ़वा में अब तक ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है. यदि भूमि उपलब्ध करा दी जाए तो सभी चिकित्सक सहयोग राशि एकत्र कर स्वयं भवन का निर्माण कर लेंगे. उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि जब तक स्थायी भूमि उपलब्ध नहीं होती, तब तक के लिए एक अस्थायी भवन उपलब्ध कराया जाये, जहां से न केवल निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, बल्कि आईएमए की सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां भी नियमित रूप से संचालित की जा सकें. कॉफी विद एसडीएम कर रहा पुल का काम : सीएस इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ कैनेडी ने कहा कि चिकित्सकों को इस कार्यक्रम में बुलाने से जिला प्रशासन और चिकित्सकों के बीच विश्वास एवं समन्वय बेहतर होता है. यह कार्यक्रम संवाद गैप को भरने का काम कर रहा है. उन्होंने विधि-व्यवस्था से संबंधित विषयों पर प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा की तथा चिकित्सकों से प्रशासनिक अपेक्षाओं पर खरा उतरने का आह्वान किया. अस्पताल अधीक्षक ने भी सभी चिकित्सकों से अपील की कि वे जिला स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना सर्वोत्तम योगदान दें. इ
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










