ठाकुरगंगटी रेफरल अस्पताल की व्यवस्था बदहाल, उम्मीदें टूटीं

सीएस बनने के बाद भी नहीं बदली अस्पताल की तस्वीर, ड्रेसर व सुविधाओं का भारी अभाव
गोड्डा जिले के अंतिम छोर पर स्थित ठाकुरगंगटी रेफरल अस्पताल की स्थिति अब भी बदहाल है. नव पदस्थापित सिविल सर्जन डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा के योगदान के बावजूद अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में कोई विशेष सुधार नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं. डॉ. शर्मा जब तक इस अस्पताल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी थे, तब तक उन्होंने इस संस्थान की दुर्दशा को करीब से देखा और अनुभव किया. जब उनके सीएस बनने की सूचना मिली तो स्थानीय लोग आश्वस्त थे कि अब अस्पताल का कायाकल्प होगा. लेकिन दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं.
ड्रेसर और एंबुलेंस चालक का घोर अभाव
अस्पताल में एक भी ड्रेसर नहीं है. आपात स्थिति में मरीजों की देखरेख वार्ड बॉय के भरोसे की जा रही है. डॉ. शर्मा के सीएस बनने के बाद यहां कार्यरत ड्रेसर को गोड्डा मुख्यालय बुला लिया गया, लेकिन उसकी जगह किसी की नियुक्ति नहीं हुई. वहीं, एंबुलेंस चालक की भी तैनाती नहीं है, जिससे मरीजों को समय पर रेफर करने में दिक्कतें हो रही हैं. अस्पताल में महिला चिकित्सक की भी नियुक्ति नहीं हो पायी है, जबकि इसकी मांग वर्षों से की जा रही है. ग्रामीण महिलाएं आज भी चिकित्सा सुविधा से वंचित हैं.मुख्य द्वार पर खड़ी बाइकें बनीं परेशानी की वजह
अस्पताल के मुख्य द्वार पर रोजाना दर्जनों दोपहिया वाहन कर्मचारियों द्वारा खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे मरीजों और तीमारदारों को आवागमन में भारी परेशानी होती है. कई बार मरीजों के परिजनों और कर्मचारियों के बीच कहासुनी की स्थिति बनती है, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती.
क्या कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि ड्रेसर के अभाव में कई जरूरी कार्य बाधित हो रहे हैं. अस्पताल में तीन शिफ्ट के लिए तीन ड्रेसर की आवश्यकता है, परंतु एक भी उपलब्ध नहीं है. इसके अलावा एंबुलेंस का चालक भी नहीं है, जिससे मरीजों को रेफर करने में मुश्किलें होती हैं. मुझे अब तक पूर्ण प्रभार भी नहीं सौंपा गया है, सिर्फ भौतिक रूप से प्रभार मिला है. स्थानीय लोग स्वास्थ्य व्यवस्था में जल्द सुधार की प्रबल अपेक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों से ठोस पहल की मांग कर रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




