पिपरवार में यूरिया की काला बाजारी, किसानों ले रहे ऊंची कीमत

Edited by JITENDRA RANA
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पिपरवार कोयलांचल व आसपास के इलाकों में यूरिया खाद की किल्लत से खुले बाजार में इसकी कालाबाजारी हो रही है.

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पिपरवार. पिपरवार कोयलांचल व आसपास के इलाकों में यूरिया खाद की किल्लत से खुले बाजार में इसकी कालाबाजारी हो रही है. इससे 50 किलो का पैकेट जहां पहले नैनो यूरिया के साथ 266 रुपये में प्राप्त होता था, अब 550 रुपये में भी बड़ी मुश्किल से मिल पा रहा है. वहीं, खुदरा में यूरिया 15 से 20 रुपये प्रति किग्रा बिक रहा है. इससे किसानों के समक्ष परेशानी खड़ी हो गयी है. वे बीज भंडारों के चक्कर लगाने को विवश हैं. वर्तमान में मानसून के कमजोर पड़ने व धूप निकलने के बाद किसान धान की खेतों में खर-पतवार हटा रहे हैं. इसके बाद में खेतों में यूरिया डालने की जरूरत है. ऐसे मे यूरिया नहीं मिलने या ऊंची कीमत पर मिलने से किसान निराश हैं. क्योंकि इस मानसून अच्छी बारिश की वजह से किसानों ने अधिकाधिक खेतों में धान की खेती है. साथ में अन्य फसल भी लगे हैं. इसलिए पिछले वर्षों की तुलना में किसानो को ज्यादा यूरिया की जरूरत है. एक बीज दुकानदार ने बताया कि पहले सरकार द्वारा यूरिया उपलब्ध कराया जाता था. इस बार उपलब्ध नहीं कराया गया है. दुकानदार भी ऊंची कीमत पर खरीदारी कर किसानों को यूरिया उपलब्ध करा रहे हैं. चौड़ा के बीज दुकानदार जोधन ने बताया प्रखंड मुख्यालय से भी यूरिया उपलब्ध नहीं है. जानकारी के अनुसार इस वर्ष झारखंड को कम मात्रा में यूरिया प्राप्त हुआ है. इससे काला बाजारी करने वालों को मौका मिल गया है. इस पर अब तक प्रशासन द्वारा काला बाजारी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी है.

प्रखंड मुख्यालय से भी यूरिया उपलब्ध नहीं

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