वित्तमंत्री जी ध्यान दें, सेनेटरी नैपकिन पर जीएसटी लगाना क्या महिला विरोधी फैसला नहीं?

माहवारी के दौरान सेनेटरी नैपकिन का प्रयोग ना करने के कारण हमारे देश में महिलाएं कई तरह के संक्रमण का शिकार होती हैं और यह हमारे देश की स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी समस्या है. ऐसे में जरूरत इस बात की है कि महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा सेनेटरी नैपकिन इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित […]
माहवारी के दौरान सेनेटरी नैपकिन का प्रयोग ना करने के कारण हमारे देश में महिलाएं कई तरह के संक्रमण का शिकार होती हैं और यह हमारे देश की स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी समस्या है. ऐसे में जरूरत इस बात की है कि महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा सेनेटरी नैपकिन इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाये, लेकिन पिछले दिनों सरकार ने जो फैसला लिया है, वह इस कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाला प्रतीत होता है. सरकार ने एक जुलाई से देश में जीएसटी लागू करने का फैसला किया है, इसके तहत सेनेटरी नैपकिन को ‘लक्जरी प्रोडक्ट’ बताया गया है, अत: सरकार इसपर टैक्स बढ़ायेगी. टैक्स बढ़ने से सेनेटरी नैपकिन की कीमत बढ़ जायेगी. भारत में मात्र 12 प्रतिशत महिलाएं ही सेनेटरी नैपकिन का प्रयोग करती हैं, ऐसे में बढ़ती कीमत इन महिलाओं को भी कपड़े और अन्य विकल्प की ओर ले जा सकता है.
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अदिति के ट्वीट के बाद हैशटैग लहू का लगान ट्वीटर पर ट्रेंड करने लगा था. कई लोगों ने अरुण जेटली को टैग कर अपने कमेंट किये और सेनेटरी नैपकिन पर से टैक्स हटाने की मांग की.
Morning @arunjaitley 🙋🏻
— Aditi Rao Hydari (@aditiraohydari) April 19, 2017
sanitary napkins are a necessity not a luxury &more women should be able to afford them minus GST-pl🤢#LahuKaLagaan pic.twitter.com/EzWx1FOwYX
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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