World Aids Day 2022: विश्व एड्स दिवस आज, क्या है इस साल की थीम, जानें महत्व व इतिहास

World Aids Day 2022 theme, importance and significance: पूरा विश्व आज 1 दिसंबर को एड्स दिवस को मना रहा है. एड्स ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस (HIV) के संक्रमण के कारण होने वाला महामारी का रोग है. आइए जानते हैं एचआईवी एड्स के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में सारी जानकारी
World Aids Day 2022: प्रतिवर्ष दुनियाभर के लोगों को एचआईवी संक्रमण के प्रति जागरूक करने के लिए 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे (World AIDS Day) मनाया जाता है. एड्स ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस (HIV) के संक्रमण के कारण होने वाला महामारी का रोग है. इस दिन को पहली बार 1988 में चिह्नित किया गया था. आइए जानते हैं एचआईवी एड्स के लक्षण, कारण और बचाव के बारे में सारी जानकारी
पूरा विश्व आज जिस एड्स दिवस को मनाता है, उसकी पहली बार कल्पना 1987 में थॉमस नेट्टर और जेम्स डब्ल्यू बन्न द्वारा की गई थी. थॉमस नेट्टर और जेम्स डब्ल्यू बन्न दोनों डब्ल्यू.एच.ओ.(विश्व स्वास्थ्य संगठन) जिनेवा, स्विट्जरलैंड के एड्स ग्लोबल कार्यक्रम के लिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी थे. उन्होंने एड्स दिवस का अपना विचार डॉ. जोनाथन मन्न (एड्स ग्लोबल कार्यक्रम के निदेशक) के साथ साझा किया, जिन्होंने इस विचार को स्वीकृति दे दी और वर्ष 1988 से 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाने लगा. प्रारंभ में विश्व एड्स दिवस को सिर्फ बच्चों और युवाओं से ही जोड़कर देखा जाता था परन्तु बाद में पता चला कि एचआईवी संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है. जिसके बाद साल 1996 में संयुक्त राष्ट्र ने एड्स का वैश्विक स्तर पर प्रचार और प्रसार का काम संभालते हुए साल 1997 से विश्व एड्स अभियान की शुरुआत की.
विश्व एड्स दिवस हर साल राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है. इस दिवस पर यूनाइटेड नेशंस, कई सारी अन्य देश की सरकार और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां मिलकर एचआईवी से संबंधित एक खास थीम पर अभियान चलाने के लिए एक साथ जुड़ते हैं. इस साल एक्युलाइज ‘Equalize’ थीम रखी गई है. इसका अर्थ ‘समानता’ होता है. इस साल की थीम से हमारे समाज में फैली हुई असमानताओं को दूर करके एड्स को पूरी तरह से खत्म करने पर कदम बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.
एचआईवी संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति में वायरस की चपेट में आने के दो से चार हफ्ते के भीतर ही लक्षण नजर आने लगते हैं. प्रारंभिक स्थिति में संक्रमित को बुखार, सिरदर्द, दाने या गले में खराश सहित इन्फ्लूएंजा जैसी समस्याओं का अनुभव हो सकता है. संक्रमण बढ़ने के बाद अन्य गंभीर लक्षण दिखने लगते हैं. जैसे,
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लिम्फ नोड्स में सूजन
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तेजी से वजन कम होते जाना.
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दस्त और खांसी
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बुखार आना
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गंभीर जीवाणु संक्रमण
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कुछ प्रकार के कैंसर का विकसित होना.
एड्स का न ही कोई इलाज है और न ही इसकी कोई वैक्सीन अभी तक बन पाई है. इसका एक ही उपाय है बचाव. इसमें सुरक्षित यौन सम्बन्ध शामिल हैं. जीवाणुरहित (स्टरलाइज्ड) सुई का उपयोग करें. बचाव के तरीके सीख कर और जागरूक हो कर हम इससे निपट सकते हैं.
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एड्स और एचआईवी से बचने के लिए विशेषज्ञों कुछ आवश्यक सुझाव दिए हैं
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एचआईवी से बचने के लिए शारीरिक संबंध बनाते समय कंडोम का इस्तेमाल करें
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साफ और नई सुई को प्रयोग करें
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संक्रमित व्यक्ति से यौन संबंध न बनाएं
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संक्रमित व्यक्ति का रक्त
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By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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