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Gita Updesh: चिंता में डगमगाने लगे विश्वास तो अपनाएं ये उपाय

Updated at : 10 May 2025 9:21 AM (IST)
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Gita Updesh

गीता उपदेश

Gita Updesh: श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश सिखाता है कि भगवान पर विश्वास रखकर हर परिस्थिति में निश्चिंत रहा जा सकता है. जानें कैसे बनें चिंतामुक्त.

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Gita Updesh: जीवन की कठिन परिस्थितिया जब सामने आती हैं, तब हमारा मन चिंता से भर जाता है. विश्वास डगमगाने लगता है और हर दिशा में अंधकार नजर आता है. ऐसे में श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश हमें रास्ता दिखाता है. गीता कहती है – जो कुछ भी ईश्वर करते हैं, उसमें हमारा कल्याण निहित होता है. जब यह विश्वास अटूट हो जाता है, तब चिंता अपने आप समाप्त हो जाती है.

“भगवान जो कुछ करते हैं और करेंगे, उसमें मेरा हित है – ऐसा विश्वास करके हर परिस्थिति में निश्चिंत रहना चाहिए. भगवान के प्रति विश्वास ही चिंतामुक्त होने का उपाय है.”

– श्रीमद्भगवद्गीता

Gita Updesh Tips to Stay Stress Free: चिंता मुक्त रहने के उपाय

1. भगवान पर विश्वास रखें – यही है पहला उपाय

गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को यही समझाया था कि जो भी हो रहा है, वह ईश्वर की योजना का हिस्सा है. हमें केवल अपने कर्म पर ध्यान देना है और फल की चिंता भगवान पर छोड़ देनी है. जब हम यह समझ जाते हैं कि ईश्वर हमारे हित के बिना कुछ नहीं करते, तब मन शांत हो जाता है.

2. हर स्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं

जब परिस्थिति अनुकूल न हो, तब भी यह मानें कि यह समय भी बीत जाएगा और इसके पीछे कोई गहरा उद्देश्य है. यह दृष्टिकोण चिंता को कम करता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है.

3. ध्यान और प्रार्थना का सहारा लें

प्रतिदिन कुछ समय के लिए ध्यान करें और भगवान का नाम स्मरण करें. यह अभ्यास मन को स्थिर करता है और अंदर से शांति देता है. नियमित रूप से गीता का पाठ या उसका मनन करने से भी चित्त शांत होता है.

4. आत्मसमर्पण का भाव रखें

गीता के 18वें अध्याय में श्रीकृष्ण कहते हैं – “सर्वधर्मान् परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज.” इसका तात्पर्य है कि जब हम अपने सभी कर्तव्यों, परेशानियों और द्वंद्वों को भगवान के चरणों में समर्पित कर देते हैं, तब चिंता स्वतः समाप्त हो जाती है.

5. जीवन की अस्थिरता को स्वीकार करें

संसार परिवर्तनशील है – यह गीता का मूल संदेश है. जो आज है, वह कल नहीं रहेगा. इस अस्थिरता को समझकर जीने से भी चिंता कम होती है. सुख-दुख, लाभ-हानि, जय-पराजय सब क्षणिक हैं.


चिंता में डगमगाने पर गीता का यह उपदेश हमें मार्गदर्शन देता है कि विश्वास ही वह शक्ति है जो हमें हर तूफान से निकाल सकती है. जब हम यह मान लेते हैं कि ईश्वर हमारे लिए सबसे अच्छा करेंगे, तब जीवन सरल, शांत और आनंदमय हो जाता है. श्रीमद्भगवद्गीता न केवल एक ग्रंथ है, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला अमृत है.

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Pratishtha Pawar

लेखक के बारे में

By Pratishtha Pawar

मैं लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर हूं, मीडिया जगत में 5 साल का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल, फैशन, ब्यूटी, वेलनेस और आध्यात्मिक विषयों पर आकर्षक और दिलचस्प कंटेंट लिखना पसंद है, जो पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचा सके.

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