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April Fool's Day 2023: कल मनाया जाएगा अप्रैल फूल डे, जानिये क्या है मूर्ख बनाने की इस तारीख का इतिहास

Updated at : 31 Mar 2023 11:33 AM (IST)
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April Fool's Day 2023: कल मनाया जाएगा अप्रैल फूल डे, जानिये क्या है मूर्ख बनाने की इस तारीख का इतिहास

April Fool's Day 2023 history, significance, Funny stories behind its celebration: भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हर साल अप्रैल फूल डे मनाया जाता है. कई देशों में इस दिन छुट्टी भी होती है. अप्रैल फूल डे को अलग-अलग देशों में अलग तरीकों से मनाया जाता है. आइये जानें अप्रैल फूल बनाने का इतिहास

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April Fool’s Day 2023 history, significance, Funny stories behind its celebration : एक अप्रैल यानी अप्रैल फूल डे जिसे हम मूर्ख दिवस के रुप में भी मनाते हैं. इस दिन लोग एक-दूसरे से मजाक -मस्ती करते हैं.लोग इस दिन मैसेज भेजकर, प्रैंक करने के अलावा और भी कई तरीकों हैं जिनसे लोग एक दूसरे के साथ मजाक करते हैं. कुछ स्थानों पर इसे ‘ऑल फूल्स डे’ (All Fools’ Day) के नाम से भी जाना जाता है. मूर्ख बनने और बनाने का यह सिलसिला यूं तो पूरे साल चलता है, लेकिन देश दुनिया एक अप्रैल को मूर्ख दिवस मनाती है. आइये जानें अप्रैल फूल बनाने का इतिहास

अप्रैल फूल का इतिहास

भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हर साल अप्रैल फूल डे मनाया जाता है. कई देशों में इस दिन छुट्टी भी होती है. इस दिन लोग एक-दूसरे से मजाक व मस्ती करते हैं. फिर चाहे वो मैसेज भेजकर हो या फिर प्रैंक कर के. इन मजाकों का लोग एंज्वॉय करते हैं. क्या आप जानते हैं कि इस दिन को कब से मनाया जा रहा है कैसे और क्यों इसकी शुरुआत हुई. आइए जानते हैं …

ऐसे हुई इसकी शुरुआत

ऐसा कहा जाता है कि पहला अप्रैल फूल डे साल 1381 में मनाया गया था. दरअसल इसके पीछे एक मजेदार कहानी है. दरअसल, इंग्लैंड के राजा रिचर्ड द्वितीय और बोहेमिया की रानी एनी ने सगाई का ऐलान किया था और इसमें कहा गया कि सगाई के लिए 32 मार्च 1381 का दिन चुना गया है. लोग बेहद खुश थे और जश्न मनाने में लगे थे. पर, बाद में उन्हें एहसास हुआ कि ये दिन तो साल में आता ही नहीं. 31 मार्च के बाद 1 अप्रैल को तभी से मूर्ख दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हो गयी.

अलग-अलग देशों में अलग तरीकों से मनाया जाता है मूर्ख दिवस

अप्रैल फूल डे को अलग-अलग देशों में अलग तरीकों से मनाया जाता है. न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में अप्रैल फूल को दोपहर तक मनाया जाता है. जबकि फ्रांस, आयरलैंड, इटली, दक्षिण कोरिया, जापान, रूस, नीदरलैंड, जर्मनी, ब्राजील, कनाडा और अमेरिका में पूरे दिन मूर्ख दिवस मनाया जाता है.

ये भी है मान्यता

ऐसा कहा जाता है कि पहला अप्रैल फूल डे साल 1381 में मनाया गया था. दरअसल इसके पीछे एक मजेदार वाक्या बताया जाता है. दरअसल, इंग्लैंड के राजा रिचर्ड द्वितीय और बोहेमिया की रानी एनी ने सगाई का ऐलान किया था. और इसमें कहा गया कि सगाई के लिए 32 मार्च 1381 का दिन चुना गया है. लोग बेहद खुश हो गए और जश्न मनाने लगे. पर, बाद में उन्हें एहसास हुआ कि ये दिन तो साल में आता ही नहीं. 31 मार्च के बाद 1 अप्रैल को तभी से मूर्ख दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हो गई.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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