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Menstrual Health:क्या होती है माहवारी आने की सही उम्र?

Updated at : 04 Jul 2024 9:25 PM (IST)
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menstrual health: blood loss in first period may vary from person to person.

Menstrual Health : माहवारी या पीरियड एक बायोलॉजिकल प्रक्रिया है जो प्यूबर्टी की एज में होता है यह शरीर द्वारा दिया गया एक इशारा होता है कि अब स्त्री या लड़की बच्चे पैदा करने के लिए तैयार है.

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Menstrual Health : माहवारी या पीरियड एक बायोलॉजिकल प्रक्रिया है जो प्यूबर्टी की एज में होता है यह शरीर द्वारा दिया गया एक इशारा होता है कि अब स्त्री या लड़की बच्चे पैदा करने के लिए तैयार है. शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टरॉन नामक हार्मोन का सेक्रेशन शुरू होने के बाद माहवारी होने लगती है. महावरी ( menstruation ) आने की सही उम्र हर स्त्री में भिन्न होती है, लेकिन आमतौर पर स्वस्थ स्त्री में यह 9 से 15 वर्ष की उम्र के बीच होती है. औसतन, लड़कियों में माहवारी (menarche) 12 या 15 वर्ष कीआयु में शुरू हो जाती है. किंतु यह महत्वपूर्ण है कि यदि किसी स्थिति में महावरी 15 साल की उम्र तक नहीं आई है, या बहुत कम उम्र में ही शुरू हो जाए, तो चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए. यह हर महीने पहले पीरियड के 28 दिन बाद आते हैं लेकिन यह भी हर स्त्री में अलग होता है किसी को 25 दिन में ही पीरियड आ सकते हैं तो किसी को 30 दिन में भी आ सकते हैं इसीलिए इन चीजों पर घबराएं नहीं क्योंकि यह पूर्णत सामान्य होता है.

Menstrual Health:पीरियड आने की सही उम्र?

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Menstrual health : teen girl celebrating her first periods.

डॉक्टरों की माने तो लड़की या महिला में पीरियड (menarche)की कोई निश्चित उम्र नहीं होती लड़कियों के हार्मोनल बैलेंस, शारीरिक बनावट और उन्हें उनके मां-बाप से मिले जींस के आधार पर माहवारी होती है लेकिन औसतन 10 में से 8 लड़कियों को 9 से 15 साल की उम्र के बीच पहला पीरियड्स आता है कुछ लड़कियों को 16 से 18 साल तक भी पीरियड्स आता है और कुछ रेयर केस में 9 साल या 8 साल की उम्र में भी पीरियड्स आ सकते हैं.

Menstrual Health:पहले पीरियड्स के लक्षण

ज्यादातर लड़कियों को अपने पहले पीरियड्स (menarche) के आने का अंदाजा नहीं होता है लेकिन शरीर पीरियड होने से पहले कुछ संकेत देने लगता है जिसके प्राथमिक लक्षण होते हैं प्यूबिक एरिया में बाल आना और ब्रेस्ट का साइज में बड़ा होना आदि. लेकिन अगर आपको पीरियड्स आने वाला है तो आपके दो-तीन दिन पहले से लोअर एब्डोमेन में दर्द महसूस हो सकता है और कमर में भी दर्द हो सकता है, इस तरह के दर्द को क्रैम्प भी कहते हैं, यह आम पेट दर्द से अलग होते हैं. और यह दर्द आपके प्यूबिक एरिया और जांघ से होकर पैर में भी हो सकते हैं. कुछ केसेस में पहले पीरियड से पहले छोटे खून के थक्के निकालना भी पीरियड आने का एक लक्षण हो सकता है.
इसके अलावा त्वचा पर अचानक पिंपल्स निकालना, छाती वाले हिस्से में दर्द होना, कब्ज और पाचन में परेशानी, सामान्य दिन से ज्यादा थकान महसूस करना और चिड़चिड़ापन भी पीरियड आने के लक्षणों में शामिल है.

Menstrual Health:पहले पीरियड में कितना ब्लड लॉस होताहै?

डॉक्टरों की माने तो पहले पीरियड (menarche) में बहुत ही हल्की ब्लीडिंग होती है जो गधे लाल रंग की और भूरे रंग के खून के धब्बे जैसी होती है. आगे चलकर समय के साथ हार्मोनल एक्टिविटीज शुरू हो जाती है और पीरियड रेगुलर हो जाते हैं. रेगुलर पीरियड्स में 6 चम्मच के बराबर खून निकलता है, हालांकि पहले पीरियड्स में अगर आपको ज्यादा ब्लीडिंग भी हो रही है, तो इसमें कोई घबराने वाली बात नहीं है,.लेकिन अगर आपको लगता है कि आपका ब्लड लॉस बहुत ज्यादा हो रहा है, तो आप नजदीकी डॉक्टर या घर में अपनी मां यह बड़ी बहन से परामर्श ले सकते हैं.

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Shreya Ojha

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By Shreya Ojha

Shreya Ojha is a contributor at Prabhat Khabar.

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